रिपोर्ट वैभव गुप्ता
समरेर। आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एमओआईसी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने, आशा संगिनियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने, 30 दिन का भुगतान, मातृत्व अवकाश तथा ई-कवच पर कार्य के लिए पर्याप्त समय देने समेत पांच मांगें रखीं। साथ ही कार्यकर्ताओं ने बीमा और आयुष्मान कार्ड की सुविधा दिए जाने की मांग भी सरकार से की।ज्ञापन में स्थायी आशा कार्यकर्ताओं की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए निश्चित मानदेय ₹21,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग की गई है। वहीं दूसरी मांग में आशा संगिनियों को ₹700 प्रति विजिट दिए जाए या फिर उनका निश्चित मानदेय ₹24,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग रखी गई है।तीसरी मांग में आशा कार्यकर्ताओं को महीने में 24 दिन के बजाय 30 दिन का भुगतान किए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा मातृत्व अवकाश का दर्जा दिए जाने तथा ई-कवच पर कार्य करने के लिए आशा और आशा संगिनियों को पर्याप्त समय दिए जाने की मांग की गई है।कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे गांवों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से बीमा और आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की।आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगी। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन से मांगों का शीघ्र निस्तारण कराने की अपील की।
