रिपोर्ट वैभव गुप्ता
समरेर। लगातार हो रही भारी बारिश से समरेर क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दातागंज से बरेली जाने वाले मुख्य मार्ग पर समरेर में पुरानी चौकी से चौराहे तक सड़क के ऊपर पानी बह रहा है। वहीं कंमा रोड का चौराहा भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है। यह मार्ग करीब 20 से 30 गांवों को जोड़ता है, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बारिश के चलते समरेर और हथिनीभूड़ समेत आसपास के गांवों में किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में खड़ी धान की फसल बारिश और तेज हवाओं के कारण गिर गई है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश जारी रही तो खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।किसान केराम, राहुल, नन्हे चौधरी, दीनदयाल, दीनानाथ, धर्मवीर और राजवीर ने बताया कि उन्होंने पूरी मेहनत और लागत लगाकर धान की फसल तैयार की थी। किसी किसान पर कर्ज है तो किसी के परिवार में बेटी की शादी की जिम्मेदारी है। कई परिवारों की उम्मीदें इसी फसल की पैदावार पर टिकी हुई थीं।किसानों का कहना है कि फसल गिरने के बाद उसकी गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश होने से खेतों में पानी भरने का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से बारिश से हुए फसल नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार सहायता दिलाए जाने की मांग की है।