
हरिद्वार सुमननगर से बड़ी खबर सामने आई है।
रोह नदी में रिवर ड्रेजिंग की आड़ में एक मशीन की अनुमति के बावजूद चार भारी पोकलैंड मशीनें नदी में उतरने का मामला सामने आया है
चारों मशीनों से नदी के अंदर खनन का काम किया जा रहा था। मामले की सूचना जिला खनन अधिकारी को दी गई, जिसके बाद जिला खनन प्रभारी अधिकारी अमित गौरव ने अपनी टीम को मौके पर भेजकर चारों पोकलैंड मशीनों को सीज करा दिया
जिला खनन प्रभारी अधिकारी अमित गौरव ने बताया कि बिना अनुमति चल रही भारी पोकलैंड मशीनों को सीज किया गया है। ओर उनपर जुर्माने की कार्यवाही की तैयारी कर रहे है
लेकिन यहॉ कार्यवाही सिर्फ 4 पोकलैंड मशीनो पर की गई जबकि आप वीडियो मे देख सकते है कि मौके 7 पोकलैंड मशीने वहा मौजूद थी लेकिन अधिकारियो का कहना है कि नदी से खनन सिर्फ 4 मशीने कर रही थी सवाल उन बाकी 3 पोकलैंड मशीने पर भी है शायद वह पोकलैंड मशीने वहा पर फोटोशूट के लिये खडी हो
वही अब कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल जुर्माने को लेकर है
नियमों के मुताबिक नदी में भारी पोकलैंड मशीन उतारने के लिए 5 लाख रुपये की एफडी जमा करनी होती है। वहीं, मशीन के अवैध रूप से खनन करते पाए जाने पर एफडी की रकम का तीन गुना जुर्माना बताया गया है
यानी एक मशीन पर 15 लाख रुपये
और यहां सीज हुई हैं चार मशीनें
ऐसे में चार मशीनों का हिसाब करीब 60 लाख रुपये बैठता है
क्या इन चारों पोकलैंड मशीनों से नियम के मुताबिक 60 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा?
क्योंकि कार्रवाई तो हो गई… मशीनें सीज भी हो गईं…
अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकारी खजाने में कितना जुर्माना जमा होता है।
रोह नदी में मशीनें चार उतरी थीं
अब देखना ये है कि जुर्माने का हिसाब भी चार का होता है या नहीं।
मोनी सैनी की खास रिपोर्ट