रिपोर्ट भूदेव प्रेमी
बदायूँ, उप कृषि निदेशक मनोज कुमार ने जिले के सभी किसानों को जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम–कुसुम) योजना के तहत सोलर पम्प की ऑनलाइन बुकिंग 26 नवम्बर 2025 से शुरू हो चुकी है। यह 15 दिसम्बर 2025 तक ही चलेगी, इसलिए किसान समय से बुकिंग कर लें। उन्होंने बताया कि बुकिंग के लिए किसानों का पंजीकरण कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर अनिवार्य है। साइट पर “अनुदान पर सोलर पम्प हेतु बुकिंग करें” लिंक के माध्यम से किसान आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय 5000 रुपये टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी। पोर्टल पर जिले के लिए 2 एच.पी. और 3 एच.पी. सोलर पम्प का लक्ष्य दिखाया गया है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार पम्प चुन सकते हैं। 2 एच.पी. के लिए — 4 इंच की बोरिंग जरूरी3 व 5 एच.पी. के लिए — 6 इंच की बोरिंग7.5 व 10 एच.पी. के लिए — 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य सत्यापन में बोरिंग सही न मिलने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। जलस्तर के अनुसार उपयुक्त पम्प—22 फीट तक — 2 एच.पी. सरफेस पम्प50 फीट तक — 2 एच.पी. सबमर्सिबल150 फीट तक — 3 एच.पी. सबमर्सिबल200 फीट तक — 5 एच.पी. सबमर्सिबल300 फीट तक — 7.5 व 10 एच.पी. सबमर्सिबल पम्प उपयुक्त यदि बुकिंग लक्ष्य से कम रही, तो किसानों का चयन स्वतः कन्फर्म हो जाएगा।लक्ष्य से ज्यादा बुकिंग होने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति द्वारा ई-लाटरी के जरिए चयन होगा। चयन की सूचना किसानों को उनके मोबाइल पर भेज दी जाएगी। सोलर पम्प पर 60% सरकार का अनुदान और 40% किसान की हिस्सेदारी रखी गई है। चयन कन्फर्म होने के बाद किसान को अपनी शेष राशि इंडियन बैंक की किसी शाखा में या ऑनलाइन जमा करनी होगी। समय पर राशि जमा न करने पर चयन स्वतः रद्द हो जाएगा और टोकन मनी भी जब्त कर ली जाएगी। डीजल पम्प या अन्य सिंचाई साधन भी इस योजना के तहत सोलर पम्प में बदले जा सकते हैं। यदि किसान बैंक से ऋण लेते हैं, तो कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के अंतर्गत कुल 6% ब्याज छूट (3% केंद्र + 3% राज्य) भी मिलेगी।सोलर पम्प लगाने के बाद किसान स्थान परिवर्तन नहीं कर सकेंगे, वरना पूरी अनुदान राशि वापस लेनी पड़ेगी।अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक कार्यालय, बदायूँ में संपर्क कर सकते हैं।