सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा जरूरी- रविंद्र सिंह आनंद
लक्सर। लक्सर के पूर्व विधायक संजय गुप्ता के साले द्वारा सोशल मीडिया पर सैनी समाज को लेकर कथित रूप से की गई अभद्र टिप्पणी और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर पूर्व राज्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता रविंद्र सिंह आनंद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी पूरे समाज के प्रति अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। यदि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही टिप्पणी वास्तव में संबंधित व्यक्ति द्वारा की गई है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी समाज की अस्मिता, सम्मान और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।उन्होंने कहा कि सैनी समाज का भारतीय इतिहास और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समाज के महापुरुषों और पूर्वजों से जुड़ी ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां गंगा को धरती पर लाने की भारतीय धार्मिक परंपरा में राजा भगीरथ का विशेष स्थान है और इस गौरवपूर्ण परंपरा से जुड़े महापुरुषों का स्मरण समाज की आस्था का विषय है। ऐसे में किसी भी समाज या उसके पूर्वजों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना लोगों की धार्मिक एवं सामाजिक भावनाओं को आहत कर सकता है।रविंद्र सिंह आनंद ने कहा, “राजनीति में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन किसी जाति या समाज को गाली देना राजनीति नहीं है। लक्सर की धरती पर सभी समाजों ने मिलकर क्षेत्र के विकास में योगदान दिया है। किसी एक समाज को अपमानित करने वाली भाषा सामाजिक सौहार्द के लिए भी उचित नहीं है।”उन्होंने कहा कि सैनी समाज मेहनतकश, जागरूक और सामाजिक रूप से सक्रिय समाज है। समाज के लोगों ने शिक्षा, कृषि, व्यापार, प्रशासन, सेना और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दिया है। ऐसे समाज के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों और उनके परिवारजनों से समाज अपेक्षा करता है कि वे अपने शब्दों और व्यवहार में संयम रखें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से ऐसी टिप्पणी हुई है तो उसे अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए और यदि किसी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए।रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि लक्सर आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की धरती है। यहां हिंदू-मुस्लिम, सैनी, गुर्जर, जाट, दलित, ब्राह्मण, वैश्य सहित सभी समाजों के लोग वर्षों से मिल-जुलकर रहते आए हैं। किसी भी समाज को नीचा दिखाने या अपमानित करने वाली टिप्पणी से सामाजिक वातावरण खराब होता है।उन्होंने कहा कि वह सभी समाजों के सम्मान और अधिकारों के साथ खड़े हैं तथा किसी भी व्यक्ति द्वारा समाज विशेष के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और संबंधित राजनीतिक नेतृत्व से भी अपेक्षा की कि पूरे मामले की वास्तविकता की जांच की जाए और यदि टिप्पणी आपत्तिजनक एवं कानून-विरुद्ध पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।रविंद्र सिंह आनंद ने अंत में कहा कि राजनीतिक लड़ाई मुद्दों, विकास और जनसेवा के आधार पर होनी चाहिए, न कि जाति और समाज को अपमानित करने वाली भाषा के आधार पर। लक्सर की जनता सामाजिक भाईचारे, सम्मान और सौहार्द में विश्वास रखती है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए।मोनी सैनी की खास रिपोर्ट