स्टेट ब्यूरो चीफ— भूदेव प्रेमी
गाजीपुर। जिले में अति पिछड़े लोनिया/नोनिया समाज के दो युवकों, अमन (18) और अनुराग (29), की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस जघन्य घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आक्रोशित लोगों ने पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिए जाने की मांग की है। दिनदहाड़े हुई वारदात -सूत्रों के अनुसार, अमन और अनुराग रोजाना की तरह अपने काम पर निकले थे। दोपहर के वक्त अज्ञात हमलावरों ने दोनों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद हत्यारे मौके से फरार हो गए। परिवारों में छाया मातम -अमन और अनुराग की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अमन के पिता ने कहा, “हमारे बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था? हमें न्याय चाहिए।” वहीं अनुराग के बड़े भाई ने सरकार से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए।सड़क पर उतरे लोग, उठी न्याय की मांग -हत्या के बाद स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने सरकार से यह भी अपील की कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि उनका जीवन यापन हो सके।पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल -घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि “जांच जारी है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।” लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती के कारण अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।पीड़ित परिवारों को कब मिलेगा न्याय?गाजीपुर की यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि यह सवाल खड़े करती है कि कब तक अति पिछड़े समाज के लोग ऐसे अत्याचार का शिकार बनते रहेंगे। क्या प्रशासन पीड़ित परिवारों को न्याय दिला पाएगा? यह देखना बाकी है।
इंडिया टाइम्स 7