
स्टेट हेड भूदेव सिंह प्रेमी
बदायूं,| सम्राट अशोक महान की शोभायात्रा को जिला प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने के कारण ‘भारतीय भागीदारी आंदोलन’ के कार्यकर्ताओं और अनुयायियों में भारी आक्रोश देखा गया। संगठन ने इस मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया गया है।ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने बताया कि शोभायात्रा के लिए पहले से ही अनुमति हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन 27 अप्रैल की शाम को तहसील बिल्सी के उपजिलाधिकारी द्वारा सूचित किया गया कि यात्रा की अनुमति रद्द कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह “नई परंपरा” है, जबकि संगठन के अनुसार सम्राट अशोक की शोभायात्रा पूर्व में कई बार निकाली जा चुकी है और उसके प्रमाण भी प्रशासन को दिए गए हैं। ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया गया है कि जब जिले में आरएसएस पदयात्रा, त्रिशूल यात्रा, हनुमान जयंती, कांवड़ यात्रा और रामनवमी जैसी धार्मिक यात्राओं को अनुमति दी जाती है, तो फिर सम्राट अशोक जैसे राष्ट्रनिर्माता की शोभायात्रा को क्यों रोका गया?भारतीय भागीदारी आंदोलन ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 21 मई 2025 को शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी गई, तो संगठन अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। संगठन ने प्रशासन से सम्राट अशोक के प्रति सम्मानजनक रवैया अपनाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।