बसपा सुप्रीमो मायावती का मास्टर स्ट्रोक,राजा पाठक की एंट्री से सपा-बीजेपी की बढ़ी बेचैनी
अयोध्या जनपद की 274 बीकापुर विधानसभा सीट पर बसपा सुप्रीमो बहन कुमारी मायावती ने स्वच्छ छवि वाले राजा पाठक को आगे कर ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए ऐसा सियासी दांव चला है,जिसने पूरे इलाके की राजनीति में भूचाल ला दिया है।राजा पाठक को दिया गया यह आशीर्वाद सिर्फ एक एंट्री नहीं,बल्कि 2027 की रणनीति का साफ संकेत माना जा रहा है।बीकापुर में ब्राह्मण,दलित,पिछड़ा और मुस्लिम वोटरों का जटिल समीकरण हमेशा से चुनावी परिणाम तय करता रहा है।ऐसे में राजा पाठक की एंट्री बसपा के “सर्वजन हिताय” फॉर्मूले को फिर से जीवंत करती दिख रही है। खासतौर पर ब्राह्मण-दलित समीकरण को साधने की यह कोशिश सपा और बीजेपी दोनों के लिए चुनौती बन गई है।राजा पाठक ने बसपा में शामिल होते ही बहन मायावती के नेतृत्व की जमकर सराहना की।उन्होंने कहा कि “बसपा सरकार में कानून-व्यवस्था मजबूत रही,सड़कों और बुनियादी ढांचे का विकास हुआ और हर वर्ग को सम्मान मिला।यही वजह है कि जनता आज भी उस दौर को याद करती है।”राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीकापुर में यह नया समीकरण अगर जमीन पर बैठ गया,तो 2027 में बसपा न सिर्फ मुकाबले को त्रिकोणीय बनाएगी,बल्कि सीधे-सीधे बाकी दलों की जीत की गणित भी बिगाड़ सकती है।बीकापुर की सियासत अब नए मोड़ पर है—जहां स्वच्छ छवि,जातीय समीकरण और मायावती का सटीक दांव मिलकर चुनावी तस्वीर बदलने की पूरी तैयारी में है।