Skip to main content

India Times 7

Homeउत्तर प्रदेशपरिवार नियोजन की प्रगति निराशाजनक, कैंप आयोजित कर महिला-पुरुष नसबंदी के लक्ष्यों...

परिवार नियोजन की प्रगति निराशाजनक, कैंप आयोजित कर महिला-पुरुष नसबंदी के लक्ष्यों की पूर्ति की जाए-जिलाधिकारी

संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की नियमित चेकिंग हो, संचालकों से निर्धारित नियमों, शर्तों का पालन कराया जाए सुनिश्चित -अंजनी कुमार

मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र को मिले, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ समय से उपस्थित होकर स्वास्थ्य केंद्रपर आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायें, स्वास्थ्य केन्द्रो पर पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रहें, प्रत्येक सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच की सुविधा रहे, जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रसूता को डिस्चार्ज के समय ही उपलब्ध कराया जाए, प्रसूताओं को सुबह का नाश्ता, दोपहर, शाम का खाना समय से उपलब्ध कराया जाए, सभी को ड्रॉपबैक की सुविधा मुहैया कराई जाए, आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में किसी भी स्तर पर विलम्ब न हो, स्वास्थ्य केन्द्रों पर कैंप आयोजित कर महिला-पुरुष नसबंदी के लक्ष्यों की पूर्ति की जाए। उन्होंने नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के टीकाकरण में जनपद मंडल में पहले स्थान पर है, टीका-उत्सव में भी जनपद में बेहतर कार्य हुआ है, 54936 बच्चों के सापेक्ष अब तक 40 हजार से अधिक बच्चों को टीके लगाए जा चुके। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी के 18 सेंटर, स्वास्थ्य केंद्र कुरावली, घिरोर, करहल के 16-16 सेंटर पर टीकाकरण की प्रगति ठीक नहीं है, संबंधित प्र. चिकित्साधिकारी इस ओर ध्यान देकर प्रगति सुधारें।श्री सिंह ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 23940 के सापेक्ष अब तक 15638 संस्थागत प्रसव हुए हैं, स्वास्थ्य केन्द्रवार समीक्षा करने पर पाया कि माह दिसम्बर तक कुचेला स्वास्थ्य केन्द्र पर 2745 के सापेक्ष मात्र 278, बेवर स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा 2986 के सापेक्ष 1064, करहल स्वास्थ्य केन्द्र पर 2389 के सापेक्ष मात्र 1527, कुरावली स्वास्थ्य केन्द्र पर 2325 के सापेक्ष 1713, घिरोर स्वास्थ्य केन्द्र पर 2372 के सापेक्ष 1519 संस्थागत प्रसव हुये हैं, चालू वित्तीय वर्ष में हुये संस्थागत प्रसवों में से 6157 प्रसूताओं को ही जननी सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया है, जानकारी करने पर बताया कि पोर्टल में खराबी होने के कारण प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं कराया जा रहा है, पोर्टल प्रारंभ होते ही शेष प्रसूताओं को लाभान्वित कराया जायेगा। उन्होने परिवार कल्याण कार्यकम की समीक्षा के दौरान पाया कि महिला नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 1282 के सापेक्ष अब तक 422 एवं पुरूष नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 21 के सापेक्ष मात्र 04 पुरुषों की नसबंदी ही की गयी है, जिस पर उन्होने स्वास्थ्य केन्द्रवार नसबंदी हेतु कैंप आयोजित कराकर लक्ष्य की पूर्ति कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होने पीसीपीएनडीटी की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में 47 अल्ट्रासाउण्ड सेंटर संचालित हैं, जिनसे से 02 सेंटर निलम्बित किये गये हैं, संचालित अल्ट्रासाउण्ड सेंटर की नियमित जाँच, निगरानी की जा रही है। उन्होंने राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम, मैटरनल डेथ, जननी शिशु सुरक्षा योजना, ई-संजीवनी, आयुष्मान भारत, कुष्ठ रोग उन्मूलन, एंबुलेंस 102, 108 रिस्पांस टाइम, क्षय रोग उन्मूलन आदि की बिंदुवार गहन समीक्षा करते हुये एम्बुलेंस संचालन के रिस्पॉस टाइम मंडल में सबसे बेहतर पाये जाने पर सतोष व्यक्त किया।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. धर्मेन्द्र सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला डा. शंशाक कुमार, यूनिसेफ से संजीव पांडेय, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आशुतोष, डब्ल्यू.एच.ओ. से डा. वी.पी. सिंह, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, डी.पी.एम. संजीव पांडेय, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, स्वयंसेवी संस्था से आराधना गुप्ता सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular