स्टेट ब्यूरो चीफ भूदेव प्रेमी
बदायूं।शासन की महत्वाकांक्षी सामूहिक विवाह योजना ब्लॉक अंबियापुर में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते संदेह के घेरे में है। कई लाभार्थियों ने शिकायत की है कि उन्होंने अलग-अलग गांवों से सामूहिक विवाह योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन भरे थे, लेकिन अधिकारियों की मनमानी के चलते उनका विवाह कार्यक्रम संकट में पड़ गया है।ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन भरने के कुछ समय बाद ब्लॉक कर्मियों द्वारा उन्हें बताया गया कि उनके फॉर्म में कुछ त्रुटियाँ हैं। ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन संशोधन भी करा दिए, लेकिन इसके बावजूद आधा ADOसमाज कल्याण अधिकारी द्वारा फॉर्मों का वेरीफिकेशन लंबित है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी न तो दफ्तर में मिल रहे हैं और न ही फोन रिसीव कर रहे हैं, जिससे आवेदक लगातार भटक रहे हैं।लाभार्थियों ने बताया कि दोनों पक्षों में शादी की पूरी तैयारी हो चुकी है। रिश्तेदारों को निमंत्रण भेज दिया गया है और 5 दिसंबर को ब्लॉक में उपस्थित होने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन वेरीफिकेशन अधर में रहने के कारण उनका भविष्य दांव पर लग गया है। कई परिवार मानसिक रूप से अत्यधिक दबाव और निराशा का सामना कर रहे हैं।कुछ लाभार्थियों ने यह भी आरोप लगाया है कि ADO समाज कल्याण अधिकारी द्वारा वेरीफिकेशन के बदले पैसे मांगने की बातें सामने आ रही हैं, जिसके बाद लोगों ने इस मामले की शिकायत शासन की हेल्पलाइन 1076 पर भी दर्ज कराई है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि 5 दिसंबर को उनका विवाह योजना में शामिल नहीं हुआ, तो यह उनके मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह रुकने की स्थिति पैदा हो गई है।लाभार्थियों ने जिला प्रशासन से मांग की है। उनका कहना है कि सभी लंबित फॉर्मों का तुरंत सत्यापन कर सामूहिक विवाह योजना में सम्मिलित कराया जाए, ताकि पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके और उनकी बेटियों का विवाह बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। ग्रामीणों का साफ कहना है — “हम भ्रष्टाचार और लापरवाही का शिकार नहीं बनना चाहते, प्रशासन हमें न्याय दिलाए।”