अयोध्या मवई ग्राम कसारी कुछ ऐसा हुआ कभी-कभी किस्मत ऐसे करवट लेती है कि खुशियों के बीच अचानक सन्नाटा पसर जाता है। मवई ब्लॉक के ग्राम कसारी में कुछ ऐसा ही दर्दनाक दृश्य शुक्रवार की सुबह देखने को मिला। जहां दो बेटों की शादी की रौनक में डूबा परिवार पलक झपकते ही मातम में डूब गया। मवई ब्लॉक क्षेत्र कसारी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कल्लन खां के बेटे फैज़ ख़ान और अरबाज खान की शादियों का जश्न पूरे गांव में धूमधाम से चल रहा था। बुधवार को फैज़ की बारात नरौली गई थी और बृहस्पतिवार को अरबाज़ की बारात अमेठी जिले के गढ़ी वासिल खां मजरे सातनपुरवा रवाना हुई थी।उसी गांव में अरबाज़ का ननिहाल भी था, जहां उसके नाना मकबूल अहमद (70 वर्ष) बड़ी खुशी के साथ मौजूद थे।जब बारात लौटकर देर रात कसारी पहुंची तो मकबूल अहमद भी अपने नाती के साथ लौट आए। रात का भोजन करने के बाद वे अपने कमरे में सोने चले गए,लेकिन सुबह जब काफी देर तक दरवाज़ा नहीं खुला तो दामाद कल्लन खां को कुछ अनहोनी का एहसास हुआ।दरवाज़ा खोलते ही जो दृश्य सामने आया, उसने सबकी आंखें नम कर दीं।मकबूल अहमद शांत पड़े थे, उनकी सांसें थम चुकी थीं।डॉक्टरों के अनुसार, शायद उन्हें हार्ट अटैक आ गया हो। परिजनों ने बताया कि वे पहले से ही हृदय रोग से पीड़ित थे और उनके सीने में छल्ला (स्टेंट) डला था।इस घटना के बाद जिस आंगन में कल तक शहनाइयां गूंज रहीं थीं, आज वहीं मातम का माहौल है। रिश्तेदारों और गांव वालों की आंखें नम हैं।कोई यकीन नहीं कर पा रहा कि जो शख्स कल तक नातियों की शादी में मुस्कुरा रहा था, आज वही जिंदगी की अंतिम यात्रा पर निकल पड़ा।खुशियों के बीच आई यह खबर हर किसी को अंदर तक तोड़ गई। शादी का घर अब सन्नाटे में डूबा है।प्रधान प्रतिनिधि कल्लन ख़ां ने बताया कि ससुर की अंत्येष्टि उनके पैतृक गांव गढ़ी में की जाएगी।
दुःखद : नाती की शादी में शामिल होने आए नाना की नींद में ही चली गई सांस खुशियों के बीच मातम
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