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सामुदायिक स्वास्थ्य खंडासा अन्तर्गत गद्दौपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बदहाली का शिकार

अस्पताल पेयजल सुविधा नदारद, डॉक्टर और स्टाफ की भारी कमी

मिल्कीपुर अयोध्या जिले में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए बनाए गए गद्दोपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है। यह अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है ,अस्पताल में एक और जहां पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है वहीं दूसरी ओर अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति भी अब तक नहीं हो सकी है । पूर्व नियुक्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील को एयरपोर्ट ड्यूटी पर भेज दिया गया है। इसके बाद से यहां पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है एक महिला चिकित्सक के सहारे चल रहे इस अस्पताल में जंगल झाड़ियां ही दिखाई पडती है। डॉक्टर के आवास पर वर्षों से कोई डॉक्टर नहीं रहा है। इसकी गवाही देने के लिए बना आवास और उसके ऊपर पीपल और बरगद के उगे हुए पेड़ चीख चीख कर प्रशासनिक उपेक्षा की बात कह रहे हैं। अस्पताल परिसर में केवल एक एनम सविता रहती है बाकी कर्मचारियों का कहीं अता-पता नहीं चलता है। कहने के लिए अस्पताल हजारों की आबादी के दवा इलाज के लिए बनाया गया है लेकिन यह अस्पताल स्वयं में एक तबेला साबित हो रहा है। अस्पताल की बाउंड्री में जगह-जगह प्लास्टर उखड़ गया है और लगता है कि बरसों से इसमें रंग रोगन का काम भी नहीं किया गया है। जबकि विभागीय सूत्रों की मांने तो प्रत्येक वर्ष सभी अस्पतालों में मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान किया जाता है। जिसमें अधिकारी लोग मिलकर अपना खेल कर लेते हैं। अस्पताल के भवन पर पेंट से लिखा गया नाम भी लगभग मिट चुका है। जबकि गेट के पास कहीं कुछ लिखा भी नहीं है।दीवाल पर वॉल पेंटिंग कहीं दिखाई नहीं पड़ती है अस्पताल में जब स्थानीय पत्रकार जांच के लिए गए तो वहां 11 बजे तक केवल दो मरीजों की एंट्री हुई थी इससे आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि इस अस्पताल की क्या दशा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी खंडासा को पहले भी अस्पताल की दशा सुधारने का निर्देश दिया गया था लेकिन उसका कोई धरातल पर होता दिखाई नहीं पड़ रहा है। केवल तीन चार लेबरों को लगाकर अस्पताल में उगी जंगल झाड़ियां की साफ सफाई का कार्य चल रहा था। इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी खंडासा डॉ आकाश मोहन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां नल दूषित पानी दे रहा है जिसके लिए आरो की व्यवस्था कर दी गई है और वाटर कूलर मिलने के बाद उसे स्थापित करवा दिया जाएगा। लगभग चार महीना पूर्व आया आरो अस्पताल के गोदाम की शोभा बढ़ा रहा है। यहां पर तैनात डॉक्टर राहुल वर्मा के जाने के बाद से किसी डॉक्टर की नियुक्ति अब तक नहीं हुई है एक महिला डॉक्टर हैं जिनकी खंडासा में पोस्टिंग बताई गई है। उनको यहां अटैच किया गया है और वह 15 किलोमीटर की दूरी बैटरी रिक्शा से तय करके ड्यूटी करने के लिए आती रहती हैं मौके पर केवल महिला डॉक्टर और फार्मासिस्ट ही मौजूद मिले बाकी लोगों की ड्यूटी पल्स पोलियो अभियान में लगाने की बात बताई गई जबकि यहां पर सात लोगों की पोस्टिंग पहले से ही की गई है अब देखना होगा की स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुशील कुमार बनियान से फोन पर जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि जो कमियां वहां पर है जल्द ही सुधार किया जायेगा। मैं खुद निरीक्षण करुंगा।

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