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समाज में नारी शक्ति का बढ़ता प्रभाव: महिला दिवस और होली मिलन समारोह

रिपोर्ट गोपीनाथ रावत

अयोध्या अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हनुमान मंदिर परिसर में एक भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ो महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और ग्राम पंचायत विकास में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत और परिचय से हुई, जिसके बाद महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। ग्राम प्रधान सतगुरु प्रसाद और संजू देवी ने महिलाओं द्वारा पंचायत विकास में किए गए सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की और आश्वासन दिया कि महिलाओं द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर ठोस कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों पर जागरूकता फैलाने के लिए मिशन शक्ति टीम की इंचार्ज स्तुति गुप्ता और उनकी टीम ने महिला उत्पीड़न, 1090 महिला हेल्पलाइन, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और लैंगिक भेदभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से निडर होकर अपनी शिकायत दर्ज कराने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया। मिशन शक्ति टीम ने यह भी बताया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण के लिए कई योजनाएँ चला रही है, जिनका अधिक से अधिक लाभ उठाने की आवश्यकता है।इस कार्यक्रम में पारस फाउंडेशन द्वारा संचालित ग्रामीण महिला सशक्तिकरण परियोजना के अंतर्गत 10 ग्राम पंचायतों की महिलाओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। सविता, क्रांति, अनीता, गीता, सुनीता, ममता , डाली, सुशीला , शालिनी ,एकता सिंह (सचिव पारस फाउंडेशन ) और रनीता जैसी कई महिलाओं ने अब तक किए गए महिला संगठन के कार्यों और आगे की योजनाओं पर चर्चा की। महिलाओं ने इस अवसर पर बताया कि उनके सामूहिक प्रयासों से गाँव में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं, जैसे कि लड़कियों की शिक्षा में वृद्धि, महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा बालिकाओं की शिक्षा हेतु दी जा रही सहायता राशि पर चर्चा करते हुए सोनाली, शालू और मुस्कान ने बताया कि यह पहल उनकी शिक्षा पूरी करने में बहुत सहायक सिद्ध हो रही है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कई लड़कियाँ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित हो रही हैं।कार्यक्रम में प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कुछ महिलाओं ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा साझा की और बताया कि कैसे उन्होंने सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए सफलता प्राप्त की। इस चर्चा में समाज में बदलाव लाने वाली प्रमुख महिलाओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। इसके अलावा, होली मिलन समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें सभी महिलाओं ने आपस में गुलाल लगाकर एकता और सौहार्द का परिचय दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं ने लोकगीत गाए और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और आनंद की लहर दौड़ गई। यह आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास था, जिसने ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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