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सड़क निर्माण में कथित विधायक निधि की निष्पक्ष जांच हो, जनता को मिले जवाब : रविंद्र सिंह आनंद

लक्सर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दरगाहपुर में विधायक निधि से कराए गए सड़क निर्माण कार्य में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितता ने पूरे क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कागजों में सड़क की लंबाई 205.50 मीटर दर्ज की गई, जबकि मौके पर मात्र 170 मीटर सड़क ही पाई गई। इस प्रकार 35.50 मीटर का अंतर सामने आया है, जिसे जांच टीम ने गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है।मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन बीडीओ, संबंधित अभियंता एवं लेखाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इससे स्पष्ट है कि मामले को प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है।इस संबंध में पूर्व राज्य मंत्री एवं लक्सर विकास समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि यह केवल 35.50 मीटर सड़क का मामला नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और उनके पैसे की जवाबदेही का प्रश्न है। विधायक निधि का प्रत्येक रुपया जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है और उसका एक-एक पैसा जनता के विकास पर ही खर्च होना चाहिए।रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि विधायक का यह बयान कि “35 मीटर ज्यादा नहीं होता” अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जब सरकारी जांच में सड़क की लंबाई में 35.50 मीटर का अंतर दर्ज किया गया है और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, तब इस प्रकार का बयान देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि इस कथित अनियमितता की गंभीरता को कम करके दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। जनता यह जानना चाहती है कि यदि 35.50 मीटर का अंतर महत्वहीन है, तो फिर सरकारी जांच क्यों हुई और अधिकारियों को नोटिस क्यों जारी किए गए?उन्होंने कहा कि यदि जनता के धन से बनने वाली सड़क में 35.50 मीटर की कमी को सामान्य बताया जाएगा, तो भविष्य में किसी भी विकास कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि से अपेक्षा होती है कि वह जांच के निष्कर्षों का सम्मान करे और जनता के प्रति जवाबदेह बने, न कि ऐसे बयान देकर मामले को हल्का साबित करने का प्रयास करे।रविंद्र सिंह आनंद ने सरकार और प्रशासन से निम्नलिखित प्रश्न पूछे हैं—ग्राम दरगाहपुर में कागजों में दर्ज 205.50 मीटर सड़क के स्थान पर मौके पर केवल 170 मीटर सड़क ही क्यों मिली?आखिर 35.50 मीटर सड़क का हिसाब कौन देगा।विधायक निधि से खर्च हुए प्रत्येक रुपये की जवाबदेही किसकी है।क्या इस पूरे मामले की जांच केवल अधिकारियों तक सीमित रहेगी या विधायक निधि के उपयोग और संपूर्ण प्रकरण की भी निष्पक्ष जांच होगी।यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आई है तो दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई कब होगी।उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब जवाब चाहती है। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता या भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में जनता के धन के साथ खिलवाड़ करने का कोई भी दुस्साहस न कर सके।लक्सर विकास समिति जनता के हितों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाती रहेगी और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित होने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।— रविंद्र सिंह आनंदपूर्व राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकारअध्यक्ष, लक्सर विकास समिति।मोनी सैनी की खास रिपोर्ट

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