रिपोर्ट अर्जुन दिवाकर
आंवला : ग्राम ब्योधन खुर्द के नेकसे सागर पुत्र असर्फी लाल सागरअपने घर पर अपने चार बच्चो के साथ घर में थे तभी छत सेकुछअजीब सी आवाज महसूस हुई तो वह अपने बच्चो के साथ बाहरनिकले तब तक उनका मकान गिर गया जिसमे उनकी साईकल, बक्सेऔर गेहूं की कुटिया बुरी तरह टूट गयी जिससे उनके जिसके कारणउनका परिवार बाल बच गया, दुखित परिवार कितने ही पंच वर्षीय मेंआवास के लिए लिखवा चुका है लेकिन कभी उनका नाम लिस्ट में दर्जही नहीं होता…सोचने बाली बात यह है कि अगर नेकसे समय से कमरे से बाहर नाआते तो शायद उनका परिवार अनहोनी का हिस्सा बना सकता था…