ब्यूरो रिपोर्ट -सुधीर कुमार
थाना भवन/शामली। सावन के पावन महीने में थाना भवन कस्बे के मोहल्ला मुजावरान के नन्हे बच्चों ने अपनी मासूम आस्था और रचनात्मकता से ऐसा नजारा प्रस्तुत किया है, जिसने हर किसी का मन मोह लिया। बच्चों ने बिस्कुटों से भगवान महाकाल का आकर्षक स्वरूप तैयार किया, शिव पिंडी को भव्य मंदिर जैसा सजाया और प्रतिदिन आरती कर पूरे मोहल्ले को शिवमय बना दिया। बच्चों की यह अनूठी भक्ति अब कस्बे भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। सावन माह में जहां शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, वहीं कस्बे के मोहल्ला मुजावरान के नन्हे बच्चों ने भी अपनी अनोखी भक्ति से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कभी मोहल्ले के एक पुराने कुएं की मुंडेर पर स्थापित की गई भगवान शिव की पिंडी को बच्चों ने अपनी मेहनत और कल्पनाशक्ति से भव्य मंदिर का स्वरूप दे दिया है।निखिल, पूजा, खुशी, नंदू, अभि, नंदिनी सहित कई बच्चों ने मिलकर शिव पिंडी के चारों ओर सुनहरी सजावट, रंग-बिरंगी झालरें और आकर्षक लाइटिंग लगाई। शाम होते ही सभी बच्चे एकत्र होकर पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आरती करते हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठता है।बच्चों की सबसे अनूठी प्रस्तुति बिस्कुटों और टॉफियों से तैयार किया गया भगवान महाकाल का स्वरूप है। नन्हे हाथों से बनाई गई यह कलाकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसे देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंच रहे हैं और बच्चों की कला व भक्ति की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जब अधिकांश बच्चे मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में खोए रहते हैं, ऐसे में इन बच्चों का धर्म, संस्कृति और भगवान शिव के प्रति समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनकी यह पहल यह संदेश देती है कि संस्कार और आस्था की कोई उम्र नहीं होती।सावन के पावन माह में मोहल्ला मुजावरान के बच्चों की यह अनूठी भक्ति पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई नन्हे शिवभक्तों के इस प्रयास को भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और रचनात्मकता का सुंदर संगम बता रहा है।