स्टेट हेड ब्यूरो चीफ: भूदेव सिंह
बदायूं: राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में एक अहम बैठक आयोजित कर जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का संपूर्ण लाभ दिलवाने हेतु संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।बैठक में राज्य उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेन्द्र सोनकर, मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के.के. सरोज, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी प्रणव पाठक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।राज्य आयुक्त ने कहा कि सरकार ने ‘विकलांग’ शब्द को बदलकर ‘दिव्यांगजन’ नाम देकर सम्मानित किया है और अब आवश्यकता है कि सभी विभाग मिलकर उनके अधिकार सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी बताया कि दिव्यांगजनों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को गौरव दिलाया है, विशेषकर पैरा ओलंपिक में, जहां ओलंपिक से अधिक मेडल हासिल किए गए हैं।प्रमुख निर्देश और सुझाव:मेडिकल बोर्ड: मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में चिकित्सकों की संख्या एक से बढ़ाकर कम से कम दो की जाए, और सप्ताह में दो दिन बोर्ड की बैठक सुनिश्चित की जाए।पुरस्कार हेतु आवेदन: मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे जिले में दिव्यांगों के लिए हुए अच्छे कार्यों को संकलित कर हर वर्ष 3 दिसंबर (विश्व दिव्यांगजन दिवस) को पुरस्कार के लिए आवेदन भेजें।पुलिस व्यवहार: पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को कहा गया कि पुलिसकर्मी दिव्यांगजनों से संवेदनशीलता और सम्मान के साथ व्यवहार करें।सरकारी योजनाओं का लाभ: जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी पात्र दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले और इसकी नियमित समीक्षा की जाए।दफ्तर हों सुगम: सभी शासकीय कार्यालयों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जाए, ताकि वे स्वयं जाकर अपनी समस्याएं रख सकें और उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो।राज्य उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेन्द्र सोनकर ने भी बैठक में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 20(4) का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी को कार्यकाल के दौरान दिव्यांगता हो जाए, तो उसे सेवा से हटाया न जाए बल्कि समान वेतन व शर्तों पर उपयुक्त पद पर स्थानांतरित किया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाए और दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी अधिकारी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्य आयुक्त हिमांशु शेखर झा व अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए।