बीमार बच्चों के अभिभावकों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर लगाया लापरवाही का आरोप
मिल्कीपुर अयोध्या रिपोर्ट गोपीनाथ रावत-
मिल्कीपुर शिक्षा क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय बसापुर में अध्यनरत एक दर्जन नौनिहालों की ज्यॉट्रोफा फल खाने से अचानक तबियत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर पड़ोस स्थित प्राइवेट अस्पताल एवं संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज पहुंचे। जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। समूचे मामले में विद्यालय के शिक्षकों की लापरवाही के चलते बच्चों का विशाख्त फल खाए जाने का मामला उजागर हो रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत सिधौना स्थित प्राथमिक विद्यालय बसापुर में अध्यनरत लगभग एक दर्जन बच्चों ने विद्यालय बंद होने के पूर्व का फल खा लिया और अपने घर पहुंच गए। जहां उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी। बच्चों की तबीयत बिगड़ता देख परिजन उन्हें कुमारगंज कस्बा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल एवं संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और तब जाकर उनकी हालत में सुधार हो सका। संयुक्त चिकित्सालय में कक्षा 2 की छात्रा आशु, शिवानी कक्षा 5 कविता कक्षा 4 व अंशिका कक्षा 5 का इलाज संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में चल रहा है। जबकि पीहू कक्षा 4 की छात्रा सहित अन्य छात्र-छात्राओं का इलाज उनके परियों द्वारा प्राइवेट अस्पतालों में कराया गया है। अस्पताल में मौजूद छात्राओं के परिजनों सहित माताओं का आरोप है कि विद्यालय के शिक्षकों की लापरवाही के चलते बच्चे विद्यालय समयावधि में विद्यालय परिसर से बाहर घूम रहे थे जिसके चलते इतनी बड़ी घटना घटी है उन्होंने समूचे मामले में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रतिभा सिंह को दोषी करार दिया है और कहा कि वह स्वयं ही विद्यालय से नदारद रहती हैं। बीमार छात्राओं के प्रकरण में अस्पताल के इमरजेंसी चिकित्सक डॉ गणेश लाल ने बताया कि बच्चों की हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर है। उधर बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत सिधौना के पूर्व प्रधान महेंद्र प्रताप सिंह अस्पताल पहुंचे और बीमार बच्चों का हाल जाना। उन्होंने मामले में विद्यालय के लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।