रिपोर्ट गोपीनाथ रावत
अयोध्या झारखंडेश्वर मंदिर के पास रहने वाली मासूम अदिति को बैखौफ बंदर ने काट कर बुरी तरह घायल कर दिया है।अपनी मां के साथ आठ वर्ष की मासूम अदिति अस्पताल इलाज कराने गई थी,पर इमरजेंसी वार्ड से उसे वापस भेज दिया गया है।जानवर के काटने के बाद लगने वाली सुई भी बच्ची को नहीं लगाई गई,और वापस भेज दिया गया है।गौरतलब तथ्य है कि मासूम बच्चे की मां कुछ देर बाद पुनः अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में किसी परिचित को साथ लेकर इलाज की आस में गई तो इस नसीहत के साथ उसे पुनः भेज दिया कि साबुन से साफ पर लेना,डेटाल लगा लेना और कल आना।झारखंडी वार्ड में खतरनाक बंदरों का झुंड मंदिर के अगल बगल कालोनियों में घूम घूम कर राहगीरों को काट कर अपना शिकार बना रहे हैं।सहमे नन्हे बच्चे तो अपना बचाव न कर पाने से बहुत भयभीत हो गए हैं।इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को फोन कर सामाजिक कार्यकर्ता विश्व प्रकाश “रूपन” ने जानना चाहा कि मासूम अदिति को सुई नहीं लगाई गई है इलाज के बजाय नसीहत दी गई, क्या आठ वर्ष से कम उम्र के बच्चे को सुई आपके यहां नहीं लगाई जाती।इस पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि सुई आवश्यक है लगाई भी जाती है आप उस बच्ची को सुबह भेज दें।सवाल है कि संवेदनशील योगी सरकार में इमरजेंसी में इलाज करने वाले इतने संवेदनहीन हैं कि बंदर, कुत्ते आदि के हमलों में घायल गरीब बच्चों के इलाज के लिए सिफारिश करनी होगी।अथवा आम नागरिक को अपनी जेब ढ़ीली करनी होगी।विश्व प्रकाश रूपन ने कहा कि यह स्थिति संवेदनशील सरकार व प्रशासन की मंशा के विपरीत है।साथ ही इसका संज्ञान उन्होंने संवेदनशील जिलाधिकारी महोदय अयोध्या को भी प्रेषित किया है।