अयोध्या। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम एवं प्रारूप में बदलाव तथा इसे कमजोर किए जाने के प्रयासों के विरोध में आज महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम के नेतृत्व में सत्याग्रह एवं विरोध प्रदर्शन किया गया। सत्याग्रह कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन में आयोजित किया गया। इसके पश्चात कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर महात्मा गांधी की तस्वीर हाथ में लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन पूर्व सभासद जनार्दन मिश्रा ने किया। सत्याग्रह को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों के जीवन की सुरक्षा का कानून है। इसके नाम या स्वरूप से छेड़छाड़ करना महात्मा गांधी के विचारों और ग्रामीण जनता के अधिकारों पर सीधा हमला है।पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मनरेगा ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता दी है। इसे कमजोर करने या समाप्त करने का कोई भी प्रयास कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास वर्मा तथा पीसीसी सदस्य राम अवध पासी ने कहा यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा के नाम व स्वरूप में बदलाव अथवा इसे समाप्त करने का प्रयास वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी।जिला प्रवक्ता शीतला पाठक के अनुसार कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पीसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा,अशोक कनौजिया, राजकुमार पांडे, सेवादल महानगर अध्यक्ष बसंत मिश्रा ,अशोक कुमार शर्मा, अशोक राय, धर्मेंद्र सिंह फास्टर,उमेश उपाध्याय,रामचरित्र वर्मा, मोहम्मद आमिर,मोहम्मद आरिफ, अंकित कुमार निषाद, शत्रुघ्न कोरी ,चंचल सोनकर, प्रेम कुमार पांडे, उदय प्रताप सिंह, डॉ विनोद गुप्ता, देव कुमार वर्मा ,अरुण कुमार मिश्रा, श्रीकांत मिश्रा ,विजय श्रीवास्तव ममता मौर्य के अलावा भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कांग्रेस का एक दिवसीय सत्याग्रह व प्रदर्शन मनरेगा का नाम बदलने व प्रारूप बदलने के विरोध में
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