रिपोर्ट सुधीर कुमार
थानाभवन। कस्बे के मोहल्ला रोगनग्रान स्थित सनातन धर्म धर्मशाला में शुक्रवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। कथा प्रारंभ होने से पहले विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना, कलश पूजन एवं भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की गई। कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मशाला पहुंचे और भक्ति रस में डूबकर कथा का श्रवण किया।कथावाचक आचार्य श्री सागर महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, सत्य, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाकर आत्मिक शांति एवं मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।प्रथम दिवस पर मंगलाचरण के साथ कथा का शुभारंभ करते हुए आचार्य सागर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के सच्चिदानंद स्वरूप का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के बावजूद मानसिक तनाव, चिंता और मोह-माया से घिरा हुआ है। ऐसे समय में ईश्वर की भक्ति, सत्संग और भागवत कथा का श्रवण मन को शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन कुछ समय भगवान की आराधना, सत्संग और हरिनाम संकीर्तन के लिए निकालने का आह्वान करते हुए कहा कि ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का समन्वय ही मनुष्य के जीवन को सफल एवं सार्थक बनाता है।आयोजन समिति ने बताया कि सात दिवसीय कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन लीला, रासलीला, सुदामा चरित्र, उद्धव-गोपी संवाद सहित श्रीमद्भागवत के अनेक प्रेरणादायी प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथा के प्रथम दिवस से ही धर्मशाला परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने नियमित रूप से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का संकल्प भी लिया।इस अवसर पर नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की।