अयोध्या। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश-विदेश के पत्रकारों की सुविधा के लिए तैयार किया गया अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बड़े उद्देश्य के साथ बनाए गए इस मीडिया सेंटर में उद्घाटन के बाद से अब तक एक भी बुकिंग नहीं ऐसे में लाखों रुपये की इस परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं। राम मंदिर से जुड़े आयोजनों की कवरेज के लिए पत्रकारों को एक ही स्थान पर ठहरने, कार्य करने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर का निर्माण कराया था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी मीडिया की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर की स्थिति बेहद खराब है। भवन में केवल दो कमरे, एक बरामदा और एक कार्यालय है। नियमित साफ-सफाई का अभाव है और परिसर में गंदगी फैली हुई है। यहां केवल एक कर्मचारी की तैनाती है, लेकिन भवन में बिजली, पंखा और एयर कंडीशनर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुचारु रूप से उपलब्ध नहीं हैं। भीषण गर्मी में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच यहां काम करना भी मुश्किल हो जाता है। पत्रकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रचारित इस अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर का संचालन प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। भवन रखरखाव के अभाव में वीरान पड़ा रहता है और वहां आवारा कुत्तों को देखा जा सकता है। मीडिया सेंटर की संचालन समिति में जिलाधिकारी अयोध्या भी सदस्य हैं। इसके बावजूद देश और विदेश से अयोध्या आने वाले पत्रकारों को ठहरने और कार्य करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना पड़ता है। जब मीडिया सेंटर में न आवास की व्यवस्था है, न कार्य करने की सुविधाएं और न ही बुकिंग की कोई सक्रिय व्यवस्था, तो इसके निर्माण का उद्देश्य अधूरा दिखाई देता है।केनाम बड़े, दर्शन छोटे: लाखों की लागत से बना अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर वीरानअयोध्या। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश-विदेश के पत्रकारों की सुविधा के लिए तैयार किया गया अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बड़े उद्देश्य के साथ बनाए गए इस मीडिया सेंटर में उद्घाटन के बाद से अब तक एक भी बुकिंग नहीं ऐसे में लाखों रुपये की इस परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं। राम मंदिर से जुड़े आयोजनों की कवरेज के लिए पत्रकारों को एक ही स्थान पर ठहरने, कार्य करने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर का निर्माण कराया था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी मीडिया की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर की स्थिति बेहद खराब है। भवन में केवल दो कमरे, एक बरामदा और एक कार्यालय है। नियमित साफ-सफाई का अभाव है और परिसर में गंदगी फैली हुई है। यहां केवल एक कर्मचारी की तैनाती है, लेकिन भवन में बिजली, पंखा और एयर कंडीशनर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुचारु रूप से उपलब्ध नहीं हैं। भीषण गर्मी में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच यहां काम करना भी मुश्किल हो जाता है। पत्रकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रचारित इस अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर का संचालन प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। भवन रखरखाव के अभाव में वीरान पड़ा रहता है और वहां आवारा कुत्तों को देखा जा सकता है। मीडिया सेंटर की संचालन समिति में जिलाधिकारी अयोध्या भी सदस्य हैं। इसके बावजूद देश और विदेश से अयोध्या आने वाले पत्रकारों को ठहरने और कार्य करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना पड़ता है। जब मीडिया सेंटर में न आवास की व्यवस्था है, न कार्य करने की सुविधाएं और न ही बुकिंग की कोई सक्रिय व्यवस्था, तो इसके निर्माण का उद्देश्य अधूरा दिखाई देता है।
लाखों की लागत से बना अंतरराष्ट्रीय मीडिया सेंटर वीरान
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