-अयोध्या*मिल्कीपुर के नए क्षेत्राधिकारी पीयूष रंजन के पदभार संभालते ही लोग न्याय की आशा करने लगे। कई महीनो से परेशान पीड़ितों ने कहा कि देखकर लगता है की साहब बहुत अच्छे हैं। लेकिन साहब तो जान रहे हैं कि ये मिल्कीपुर है। यहां चट भी अपनी ,और पट भी अपनी, अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दिलापाना एक बड़ी चुनौती है और जनता को त्वरित न्याय दिलाने की जिम्मेदारी भी । मिल्कीपुर की जनता अब आश्वासन नहीं ठोस कार्यवाही देखना चाहती है। अब असली परीक्षा शुरू हो चुकी है । *क्या बिना सिफारिश के पीड़ित की एफआईआर दर्ज होगी?** *क्या प्रभावशाली लोगों पर भी कार्यवाही होगी?* *क्या महिला सुरक्षा वास्तव में मजबूत होगी?* *क्या नशे और अपराध के नेटवर्क पर लगाम लगेगी? आने वाला वक्त तय करेगा* । फिलहाल मिल्कीपुर की जनता की उम्मीद टिकी है क्योंकि डगर मुश्किल जरूर है लेकिन मंजिल अब जरूरी भी ।
बड़ी कठिन डगर है पनघट की चुनौतियों के बीच सीओ मिल्कीपुर
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