मोनी सैनी की खास रिपोर्ट
हरिद्वार नन्हे रोजेदार ने बढ़ाया मान, 7 साल की उम्र में रखा पहला रोजापवित्र रमजान माह के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमा के मौके पर एक नन्हे बच्चे ने अपनी इबादत और हौसले से सभी का दिल जीत लिया।मुहम्मद मीम अल्तमश, पुत्र मुहम्मद मुस्लिम ने महज़ 7 वर्ष की छोटी उम्र में अपना पहला रोजा रखकर परिवार और समाज में गर्व का माहौल बना दिया।जहाँ एक तरफ बड़े-बड़े लोग रोजा रखने में कठिनाई महसूस करते हैं, वहीं इस नन्हे बच्चे ने पूरे जज़्बे, उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ रोजा रखकर एक मिसाल पेश की। अल्तमश ने सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक पूरे दिन रोजे का पालन किया और इस दौरान नमाज़ व इबादत में भी हिस्सा लिया।परिजनों के अनुसार, बच्चे ने खुद ही रोजा रखने की इच्छा जताई थी और पूरे दिन बड़े ही अनुशासन और खुशी के साथ अपना पहला रोजा पूरा किया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह उनके लिए गर्व और खुशी का पल है, और उन्होंने बच्चे का हौसला बढ़ाया।मोहल्ले और आसपास के लोगों ने भी अल्तमश के इस जज़्बे की जमकर सराहना की। कई लोगों ने इसे बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया और कहा कि इतनी छोटी उम्र में इबादत के प्रति ऐसी लगन वाकई काबिल-ए-तारीफ है।अलविदा जुमा के इस खास मौके पर परिजनों और शुभचिंतकों ने अल्लाह से दुआ की कि वह इस नन्हे रोजेदार की इबादत को कबूल फरमाए, उसे लंबी उम्र, अच्छी सेहत और कामयाबी अता करे। रमजान के इस पाक महीने में नन्हे अल्तमश का यह कदम समाज में एक सकारात्मक संदेश दे रहा है और सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।