
हरिद्वार धर्मनगर में इस तरह के आयोजन को लेकर अब स्थानीय लोगों ने सवाल उठने शुरू कर दिए हैं धर्मनगर में इस तरह के आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।।धर्मानगरि हरिद्वार में हर की पौड़ी के सामने स्थित वी आईपी घाट पर भारतीय किसान यूनियन क्रांति के किसान महाकुंभ से महिला डांसर के फिल्मी गीतों पर डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो में कुछ लोग डांसर पर नोट उड़ते और मंच के सामने डांस करते भी दिखाई दे रहे हैं इसे लेकर धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक मर्यादा पर सवाल उठने लगे हैं।।वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है उनका कहना है कि हर की पौड़ी और गंगा तट करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है ऐसे स्थान पर होने वाले आयोजनों में धार्मिक और सामाजिक मर्यादाओं का पालन होना चाहिए।।घटना के बाद अब कार्यक्रम की अनुमति उसकी शर्तों और प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं लोगों ने पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।।जानकारी के अनुसार भारतीय किसान यूनियन क्रांति ने हर की पौड़ी के सामने स्थित वीआईपी घाट पर किसान महाकुंभ आयोजन किया था इस आयोजन का उद्देश्य किसानों की समस्या कृषि नीतियों समर्थन मूल्य एसपी सिंचाई बिजली मुआवजा और खेती से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा करना था।।लेकिन वायरल वीडियो में मंच पर फिल्मी गीतों पर महिला डांस प्रस्तुति देती दिखाई दे रही है मंच के सामने मौजूद कई लोग डांस करते नजर आ रहे हैं वीडियो में कुछ लोग डांसर पर नोट उड़ते दिखाई देते हैं जबकि कुछ लोग जमीन पर लाकर और झूमते हुए नाचते दिखाई दे रहे हैं इसी दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रक्रिया सामने आ रही है।।वीडियो सामने आने के बाद कई स्थानीय लोग और धार्मिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है उनका कहना है कि हर की हर की पौड़ी और उसके आसपास का क्षेत्र केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है यह हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं गंगा स्नान पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं ।उनका कहना है कि ऐसे स्थान पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में धार्मिक और सामाजिक मर्यादाओं का पालन होना चाहिए।।यदि किसी संगठन को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन करना है तो उसके लिए अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जा सकता है गंगा घाट तक और हर की पौड़ी के सामने इस तरह की गतिविधियां श्रद्धालुओं के लिए भावनाओं का आहत कर सकती है।घटना के बाद लोगों ने यह सवाल भी उठाए हैं कि कार्यक्रम की अनुमति किन शब्दों पर दी गई थी और क्या आयोजकों ने अनुमति की सभी शर्तों का पालन किया लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल के निकट किसी भी आयोजित की अनुमति देने के साथ उसकी गतिविधियों की निगरानी भी प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। स्थानीय लोगों ने वायरल वीडियो की जांच कर पूरे मामले की सार्वजनिक करने और यदि किसी नियम या अनुमति की शर्त का उल्लंघन हुआ हो तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की मांग की है लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश और सख्त निगरानी जरूरी है।।
हरिद्वार से मोनी सैनी की खास रिपोर्ट
