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कबीर आश्रम पर सदगुरु कबीर देव की भव्य प्रतिमा का अनावरण हुआ

कबीर साहब ने छुआछूत पर कठोर प्रहार किया – जिलाधिकारी

मैनपुरी – प्रमुख सचिव समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण तथा महानिदेशक उपाम एल. वेंकटेश्वर लू ने कबीर आश्रम पर सदगुरु कबीर देव की भव्य प्रतिमा का अनावरण करने के उपरांत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कबीर आश्रम में आज भी अनोखा वातावरण है, बेहद शांति है, यह सब संत-महापुरुषों की महिमा का प्रताप है। उन्होने कहा कि धर्म प्रेम एकता सिखाता है, विकार छोड़ने पर ही भजन शुरू होता है, भजन प्रेम से जोड़ने वाली साधना है, ईश्वरीय सत्ता सत्य को पसंद करती है, जो सरल है वही अमर है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में सबको मिलकर नई क्रांति लानी है, हमारे महापुरुषों ने सत्य के मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाया, हमें सत्य के मार्ग पर चल बिना किसी जाति, धर्म के सभी लोगों का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि जिनके दिमाग में खोट है, वह विभाजन की बात करता है, तेरा मेरा स्वार्थी लोगों का कार्य है, उनका अहंकार है आज समाज तमाम जातियां के बीच में उलझा हुआ है, हमें जाति के आधार पर न बॉटकर आपस में प्रेम-भाव को बढ़ाना होगा, प्रत्येक व्यक्ति को अपने दायित्व का निर्वाहन करना होगा तभी समाज का विकास होगा।

जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कबीर साहब से मेरा संबंध रहा है, मैं भी उसी क्षेत्र से आता हूं जहां कबीर जी ने पूरा जीवन व्यतीत किया, मैने जीवन में कबीर साहब को बहुत पढ़ा। उन्होंने कहा कि कबीर साहब अपने समय के सबसे क्रांतिकारी व्यक्ति थे, उनके समर्पण के कारण ही आज उनके इतने अनुयायी हैं, कबीर समाज सुधारक के साथ-साथ बहुत बड़े भक्त हैं, हम लोग कबीर साहब को कवि के रूप में पढ़ते हैं, कबीर साहब ने अपने जमाने में जितनी भी भाषाएं थीं, उन सबको अपनी कविताओं में सम्मलित किया, हठयोग साधना, सूफी साधना, सनातन धर्म, सबको अपनाकर अंत में सहज मार्ग अपनाया, सहज मार्ग पर भेद-भाव को कोई जगह नहीं है, उन्होने समाज में फैली बुराइयों पर खुलकर बात की और उनकी बात का उत्तर किसी धर्मगुरु

के पास नहीं था, खुलकर समर्थन करना और खुले मन से विरोध करना साहस की बात थी, कबीर ने छुआछूत पर कठोर प्रहार किया।

मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि सदगुरु कबीर ने सभी को ज्ञान की बात कर सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी, बुराइयों से बचकर सच्चाई के पथ पर चलने का मार्ग प्रशस्त किया। कबीर आश्रम बाराबंकी के महंत निष्ठा साहिब, कबीर आश्रम के महंत अमर साहब ने कहा कि प्रेम का मार्ग बुद्धि को ठीक करता है, लक्ष्मी सुलझी आत्मा के साथ रहती है, लक्ष्मी के पीछे मत घूमिए, आत्मज्ञानी हो जाए तो कोई गरीब नहीं है जो अच्छी संगत में नहीं बैठता वह गरीब है। उन्होने कहा कि ऐसी करनी कर चलो, हम हंसे जग रोए, सद्‌गुरु बताते हैं कर ले कमाई ऐसी जो साथ जा सके मानवीय सद्‌गुणों का धन, भक्ति का धन, अच्छे संस्कारों का धन यदि मनुष्य के पास है तो हमारे जीवन जीने की कला सही है।

इस दौरान क्षेत्राधिकारी करहल अजय पाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकार अशोक कुमार के अलावा आत्माराम दास, संत सेवक दास, प्रखर दास, प्रज्वल दास, प्रांजल दास, सेवादास, सियाराम दास, योगानंद सरस्वती, नरेंद्र सिंह वर्मा, नरोत्तम सिंह यादव सहित तमाम संत, भक्त आदि उपस्थित रहे।

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