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रानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर रंगोली प्रतियोगिता एवं ‘रन फॉर वुमन एम्पावरमेंट’ का हुआ आयोजन

मैनपुरी सुदिती ग्लोबल एकेडमी,मैनपुरी में रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर रंगोली प्रतियोगिता एवं ‘रन फॉर वुमन एम्पावरमेंट’ का आयोजनसुदिती ग्लोबल एकेडमी में आज पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में विविध प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की श्रंखला का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रानी अहिल्याबाई होलकर के त्याग, सेवा और न्यायमूलक शासन से प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत रंगोली प्रतियोगिता से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, कार्यों और आदर्शों को रंगों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने प्रातरूकालीन प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होलकर न केवल एक कुशल प्रशासक थीं, बल्कि वे समाज सुधारक और महिलाओं के उत्थान की प्रतीक भी रहीं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि नारी शक्ति जब दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ती है, तो वह समाज और राष्ट्र दोनों को दिशा दे सकती है।इसके पश्चात रन फॉर वुमन एम्पावरमेंट (महिला सशक्तिकरण हेतु दौड़) का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह दौड़ महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और सामाजिक स्थान की महत्ता को रेखांकित करने वाला संदेश बनकर उभरी।प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये विद्यालय की प्रशासनिक प्रधानाचार्य डॉ. कुसुम मोहन ने कहा कि हमारे विद्यालय का उद्देश्य छात्रों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण बनाना है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम बच्चों को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं, जिससे वे अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझ सकें।विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, कि रानी अहिल्याबाई होलकर ने उस समय में भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की बात की, जब समाज में उनका स्थान सीमित था। आज के युग में उनके विचार और कार्य और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। हमें आप सब में वही नेतृत्व, संवेदनशीलता और समाजसेवा की भावना विकसित करनी है। सुदिती ग्लोबल एकेडमी इसके लिए सतत प्रयासरत है।विद्यालय परिसर में बच्चों की रंगोलियों और दौड़ के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि आज की युवा पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को लेकर सजग है। शिक्षकों एवं अभिभावकों ने इन आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल ज्ञानवर्धक होती हैं, बल्कि विद्यार्थियों को भावनात्मक और वैचारिक रूप से समृद्ध भी बनाती हैं।सुदिती ग्लोबल एकेडमी इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर यह सिद्ध करने में सफल रही कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाना है, जो अपने राष्ट्र और समाज के लिए योगदान दे सकें।

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