रिपोर्ट अशोक कुमार
शाहजहाँपुर । विभागीय अनियमितताओं पर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी डॉ० अपराजिता सिंह के साथ अचानक बेसिक शिक्षा विभाग के विभागीय कार्यालय में छापा मारा लगभग डेड़ घंटे तक चले निरीक्षण में कई खामियाँ मिली । जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में व्याप्त अनियमितताओं और लापरवाहियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए यह निर्देश दिये कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति कार्यालय में न आए । कार्यालय में साफ सफाई व्यवस्था बदहाल मिलने पर भी डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की । निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की मान्यता संबंधी अभिलेख एवं विभिन्न शिकायतों के निस्तारण का कोई स्पष्ट और अद्यतन विवरण, विभाग द्वारा प्रस्तुत नही कर पाने को डीएम ने लापरवाही मानते हुए गंभीरता से विभाग में तैनात लिपिक राजेश से जवाब तलब किया । कार्यालय की सफाई व्यवस्था, पत्रवलियों का रखरखाव, और कर्मचारियों पर नियंत्रण में जिलाधिकारी ने गंभीर कमियाँ पाई । बीएसए दिव्या गुप्ता, कर्मचारी आचरण नियमावली के संबध में भी स्पष्ट जानकारी नही दें सकीं । इन खामियों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता से भी स्पष्टीकरण मांगा । डीएम ने स्पष्ट कहा कि प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी !विशेष रूप से वेतन और पेंशन से जुड़े मामलों की फाइलें खंगाली गईं । कई ऐसे दस्तावेज पाए गए ,जिनमें प्रक्रिया अधूरी थी या जानकारी अद्यतन नहीं थी । इस पर डीएम ने वेतन, पेंशन एवं विभागीय कार्यवाही से संबंधित कई महत्वपूर्ण फाइलें जब्त करने के निर्देश दिए, ताकि बाद में इनकी विस्तार से जांच की जा सके । इस छापेमारी से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है कई कर्मचारी तत्काल दस्तावेजों को सही करने और व्यवस्थाएं सुधारने में जुट गए । डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए, अन्यथा आगे कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें ।