रिपोर्ट अशोक कुमार
शाहजहाँपुर । वाहन , रेल , हवाई , कारखानों , निर्माण कार्यों में भयावह दुर्घटनाएँ आज के भारत की नियति बन गई हैं विश्व में भारत की सर्वाधिक ,सर्वरूपेण भ्रष्टता ही इसकी वजह है आज हमारे देश में रिश्वत , दलाली , कमीशन के आधार राजनीति ,चुनाव ,न्याय , प्रशासन की लाइसेंसिग ,राशन , अनुमति प्रणाली एवं रियल स्टेट को आसानी से प्रभावित कर सकते हैं सर्व विभागीय कदाचार में पुलिस ‘ राजस्व , विद्युत , पंचायत , परिवहन ,रेल ,लोक निर्माण आदि विभाग मुख्य हैं जहाँ आम जनता का कोई कार्य बिना चढ़ावा सम्भव ही नही है पुलिस ,परिवहन , राजस्व , शिक्षा , नियुक्त विभाग डिजीटलीकरण से और ज्यादा चक्रव्यूही हो गए हैं साधारण लोगों का जैसा शोषण इस डिजीटलीकरण ने कर डाला है वह देश का महादुर्भाग्य ही है यहाँ बात कर रहे हैं दुर्घटनाओं की … आप पैसा देकर वाहनों का मनमाना रजिस्ट्रेशन , खरीद , बिक्री , ट्रांसफर , प्रदूषण , ड्राइविंग लाइसेंस आदि बेहद आसानी से करा सकते हैं सड़कों , पुलों , सरकारी भवनों आदि की निर्माण मानकता को जनप्रतिनिधि , अभियंताओं , ठेकेदारों का त्रिगुट आसानी से खोखला कर रहा हैं सोचिए कुल बजट / योजना का आधा पैसा जब कमीशन के रुप में जायेगा , तो धरातल पर सरकारी निर्माण कैसे होगें …आधे बजट में ठेकेदार अपनी लागत , लाभ कैसे निकालते होगें … सरकारी सामूहिक विवाहों में क्या होता होगा …नदी किनारे की डुबाऊ ,मुफ्त जमीनों का अधिग्रहण , खरीद , बिक्री आदि से कितना चूना लगाते हैं सरकार को … बस यही बजह है दुर्घटनाओं की … गुणवत्ता मानकों की घोर, भ्रष्ट लापरवाही ही इसका मुख्य कारण है !!! जब सत्ता , विपक्ष दोनों ही माफिया , तो देश होगा ही तबाह …।