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Homeअयोध्यादलित के घर पर बिना नोटिस के चलवा दिया बुलडोजर

दलित के घर पर बिना नोटिस के चलवा दिया बुलडोजर

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं मानता मिल्कीपुर तहसील प्रशासन

बिना नोटिस के चलवा दिया बुलडोजर जिलाधिकारी ने उपजिला अधिकारी को ही दिया जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश

रिपोर्ट गोपीनाथ रावत

मिल्कीपुर /अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के पारा खानी पूरे कुर्मी गांव में हरिजन आबादी की जमीन पर बने मकान को लेकर विवाद सामने आया है तहसील प्रशासन ने बिना मजिस्ट्रेट के मौजूदगी और नोटिस के ही बुलडोजर चलवा दिया। मामले में गायत्री पत्नी हनुमान के घर शौचालय और कब्र को ध्वस्त कर दिया गया कार्रवाई के दौरान महिला अचेत हो गई तो पुलिस ने महिला को घसीटते हुए किनारे किया इस पूरी घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है इस जमीन का मामला 2023 से सिविल कोर्ट में विचाराधीन भी बताया जा रहा है लेखपाल मनोज कुमार चौरसिया ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्यवाही की है उनका कहना है कि उन्हें मुकदमे की जानकारी नहीं थी भारतीय किसान यूनियन के भानु गुट ने इस कार्यवाही पर कड़ा एतराज जाताया हैं पीड़ित परिवार ने किसान दिवस पर जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है जिसपर जिलाधिकारी अयोध्या ने उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर राजीव रत्न सिंह को जांच कर दोषियों पर कारवाई का आदेश दिया है जबकि राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्या ने भी मामले में कारवाई का आदेश जारी किया है। तहसीलदार मिल्कीपुर सुमित कुमार सिंह का कहना है कि यह हरिजन आबादी की आरक्षित भूमि है जिस पर गायत्री द्वारा कब्जा किया जा रहा था। उनका एक मकान पहले से गांव में मौजूद है उसके बावजूद भी कब्जा कर रही थी जिसके चलते कार्रवाई की गई है पीड़ित महिला ने जिला अधिकारी अयोध्या को लिखित शिकायत दी है जिलाधिकारी ने एसडीएम मिल्कीपुर को ही जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आपको बता दे की कुमारगंज थाना क्षेत्र के तुरशमपुर पालपुर गांव के मोहनलाल गुप्ता ने सीलिंग की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत 3 सालों में करीब 40 बार की है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है अगर देखा जाए तो इसी तरीके से दर्जनों मामले हैं जिनका निस्तारण कागजों में तो कर दिया जा रहा है लेकिन मौके पर अवैध कब्जा कर मकान बना हुआ है अब लोगों में चर्चा है कि जिस तरीके से तहसील और पुलिस प्रशासन ने शिकायत पर कार्रवाई की है अगर इसी तरीके से प्रशासन कार्रवाई करें तो कोई सरकारी भूमि पर और आरक्षित भूमि पर कब्जा करेगा ही नहीं कहीं कोई बड़े अधिकारी या राजनेता के दबाव में प्रशासन में ऐसा कदम तो नहीं उठाया है।इस सम्बन्ध में उपजिला अधिकारी मिल्कीपुर राजीव रत्न सिंह से जब पत्रकारों ने बात की तो उनका कहना था कि घटना सही नहीं थी महिला ने अवैध कब्जा किया था जिसे खाली कराया गया है शौचालय और कब्र ढहाये जाने पर वो कोई उत्तर नहीं दे सके और झल्ला कर फोन काट दिया। इसके बाद जब पत्रकारों ने जिलाधिकारी अयोध्या चन्द्र विजय सिंह से इस सम्बन्ध में पूंछा तो उनका कहना था कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नोटिस जारी किया जाना चाहिए था उन्होंने कहा कि वो स्वयं उपजिला अधिकारी मिल्कीपुर से बात करेंगे। वहीं पीड़ित परिवार मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है, जबकि किसान यूनियन के लोग मामले में धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। अब देखना होगा प्रशासन इस मामले क्या कारवाई करता है।

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