
स्टेट हेड रिपोर्ट भूदेव प्रेमी

बदायूँ: अनुसूचित जाति की युवती और परिवार पर हमला, पुलिस की निष्क्रियता से बढ़ा खतरा जिले के थाना उसावाँ क्षेत्र के ग्राम म्यारी में अनुसूचित जाति की एक युवती और उसके परिवार पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंगों ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं, मारपीट की और उसके परिवार पर हमला कर लूटपाट भी की। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे उनकी जान-माल को गंभीर खतरा बना हुआ है।घटना का विवरण युवती जिज्ञासा (पुत्री राजीव कुमार) ने बताया कि 14 मार्च की सुबह करीब 10 बजे वह गोबर फेंकने जा रही थी, तभी गांव के वीर बहादुर उर्फ बादल और मोहित ने उसे रोक लिया और जबरन पकड़ने की कोशिश की। विरोध करने पर उन्होंने मारपीट की और कपड़े फाड़ने की कोशिश की। शोर मचाने पर जिज्ञासा की मां, पिता और दादी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी भाग गए।जिज्ञासा ने बताया कि इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर गांव में ही छोड़ दिया। इसके बाद शाम 4 बजे वीर बहादुर, मोहित, कुलदीप, पंकज और राम विश्वास लाठी-डंडों और चाकू के साथ घर पर चढ़ आए और उसके चाचा विनोद के सिर पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल विनोद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।रात में दोबारा हमला और लूटपाटपीड़ित परिवार के अनुसार, इसी दिन रात 8 बजे एक और हमला हुआ। आरोपियों में चन्द्रपाल, महेन्द्र, राम शंकर, हरिओम, सुबोध, सिपट्टर, विपिन, पिन्टू, लालाराम, एसराम, शिवकेश सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी हमलावर लाठी-डंडों और अवैध हथियारों से लैस थे।आरोप है कि हमलावरों ने जातिसूचक गालियां दीं, घर में तोड़फोड़ की और लूटपाट की। इस दौरान जिज्ञासा की बहन मोनिका के गले से सोने की चेन, मंगलसूत्र, माथे का टीका और 16,000 रुपये नकद लूट लिए गए। हमले में जिज्ञासा की मां गीता देवी, दादी सुशीला देवी, चाचा रामकुमार और चचेरे भाई अमित को गंभीर चोटें आईं। सुशीला का हाथ टूट गया, अमित का सिर फट गया और रामकुमार के दांत तोड़ दिए गए।पुलिस पर लापरवाही के आरोपपीड़ित परिवार ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि उन्होंने बार-बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। रात में हुए हमले के बाद भी पुलिस ने सिर्फ मौके पर आकर परिवार को घर में रहने की सलाह दी और कोई गिरफ्तारी नहीं की।पीड़ितों के मुताबिक, आरोपी गांव के प्रभावशाली परिवारों से आते हैं और पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।( स्टेट ब्यूरो चीफ: भूदेव प्रेमी इंडिया टाइम्स 7)