रिपोर्ट अशोक कुमार
शाहजहाँपुर । जिला अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने रमजान शरीफ, ईद-उल-फितर, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड प्रयागराज की वार्षिक परीक्षाऍं, होली, छोटे व बड़े लाट साहब जुलूस, रामनवमी, महावीर जयंती व भारत रत्न डॉ० भीमराव अंबेडकर जयंती के दृष्टिगत जनपद में लोक व्यवस्था/शांति व्यवस्था एवं जन सुरक्षा हेतु धारा 163 को 3 मार्च से 30 अप्रैल 2025 तक संपूर्ण जनपद में लागू कर दिया है जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 बी०एन०एस०एस० में निहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए जन सुरक्षा एवं जनजीवन को सामान्य बनाये रखने की दृष्टि से जनपद की सम्पूर्ण सीमा में इसके अन्तर्गत पड़ने वाले समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु निम्नलिखित निषेधाज्ञाऍं पारित की हैं कोई भी व्यक्ति सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त किये बिना कोई भी आग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, लाठी अथवा अन्य कोई घातक अस्त्र शस्त्र आदि या विस्फोटक सामग्री अपने साथ लेकर नहीं चल सकेगा । सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एव कर्मचारियों तथा विकलांग , वृद्धजन व्यक्तियों जो लाठी ,डंडे के सहारे चलते हों , यह धारा लागू नहीं होगी । सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त किये बिना सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित डेसीवल मानकों से अधिक वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों का कोई प्रयोग नहीं करेगा । यह प्रतिबन्ध परम्परागत धार्मिक आयोजनों और अपरिहार्य सामाजिक आयोजनों पर लागू नहीं होगा । कोई भी व्यक्ति रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक किसी भी तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं करेगा । कोई भी व्यक्ति अपने मकान की छत या दीवार या किसी अन्य स्थान पर बिना किसी प्रयोजन के कंकड /पत्थर, ईंट के टुकड़े, काँच की सामग्री, विस्फोटक सामग्री अथवा ऐसी कोई वस्तु एकत्र नहीं करेगा , जिससे किसी व्यक्ति को क्षति पहुँचायी जा सके । किसी एक स्थान पर 05 से अधिक व्यक्ति एकत्र नहीं होगें । कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्ति समूह किसी प्रकार के धरना प्रदर्शन ,राजनैतिक, जातीय, धार्मिक व सामाजिक भावनाओं को बिगाड़नें वाले किसी प्रकार के नारे आदि नही लगाएगा तथा ना ही सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार कर सकेगा । ऐसा कोई कार्य लिखकर बोलकर अथवा किसी प्रतीक के माध्यम से नहीं करेगा ,जिससे किसी धर्म, मजहब, सम्प्रदाय, जाति या सामाजिक वर्ग की भावना आहत हो या उससे विभिन्न वर्गों /दलों/व्यक्तियों के मध्य कटुता फैले और उससे समाज में तनाव का माहौल उत्पन्न हो ।