स्टांप कमी के वादों के निस्तारण की प्रगति सुधारी जाए, धारा-34, धारा 67 के वाद अभियान चलाकर किये जायें निस्तारित- अंजनी कुमार
मैनपुरी – जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कर करेत्तर, राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा के दौरान वाणिज्यकर, विद्युत, स्टांप एवं निबंधन, परिवहन, आबकारी, अलोह खनन, वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने विभाग के राजस्व प्राप्ति के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करना सुनिश्चित करें, वाणिज्य कर, स्टांप एवं निबंधन, परिवहन में मासिक, क्रमिक लक्ष्यों के सापेक्ष वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं है, सबसे ज्यादा खराब प्रगति स्टांप एवं निबन्धन की है, संबंधित विभाग के अधिकारी प्रवर्तन कार्य बढ़ाकर वसूलीकी प्रगति सुधारें, उप जिलाधिकारी लंबित आर.सी. की वसूली में तेजी लाएं, तहसीलदार, लायब तहसीलदार प्रत्येक दिवस क्षेत्र में जाकर बकायादारों से धनराशि जमा कराकर आर.सी. वसूली की प्रगति सुधारें। उन्होंने राजस्व वसूली की विभागवार समीक्षा के दौरान स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के वार्षिक लक्ष्य 186 करोड़ के सापेक्ष मात्र 84 लाख की प्राप्ति पर सहायक महानिरीक्षक निबंधक को निर्देशित करते हुए कहा कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रयास करें, स्टांप कमी के वादों को निस्तारित कर धनराशि जमा करायी जाए, प्रदेश में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन की वसूली में जनपद अंतिम 05 में शामिल है. आबकारी विभाग द्वारा 449 करोड़ के सापेक्ष 279 करोड़ की प्राप्ति की गई है। उन्होंने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि राजस्व वसूली के लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति के साथ ही अनाधिकृत, अवैध रूप से संचालित वाहनों के संचालन, ओवरलोड वाहनों की रोकथाम के लिए निरंतर अभियान चलाएं, किसी भी दशा में ओवरलोड, अनाधिकृत वाहनों का संचालन न हो।श्री सिंह ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि माह मार्च तक मुख्य देयों के भू-राजस्व में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली की जानी है लेकिन अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष तहसील सदर में मात्र 18 प्रतिशत, तहसील करहल में 19 प्रतिशत की वसूली हुई है. जो काफी कम है, इसी प्रकार बैंक देय, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन वाणिज्यकर, विद्युत देय, रॉयल्टी, मार्ग कर की लंबित आर.सी. की वसूली भी निराशाजनक है, बैंक देय की लंबित आर.सी. के सापेक्ष तहसील करहल में मात्र 27 प्रतिशत, तहसील घिरोर में मात्र 29 प्रतिशत, वाणिज्य कर की लंबित आर.सी. के सापेक्ष तहसील घिरोर में मात्र 11 प्रतिशत, सदर तहसील में 13 प्रतिशत, किशनी में 27 प्रतिशत, करहल में 31 प्रतिशत, विद्युत की आर.सी. में तहसील किशनी में 12 प्रतिशत, तहसील घिरोर में 13 प्रतिशत, स्टॉप एवं रजिस्ट्रेशन की लंबित आर.सी. वसूली के सापेक्ष तहसील घिरोर में 27 प्रतिशत, तहसील भोगांव में 57 प्रतिशत की ही वसूली की गई है, जिस पर उन्होंने उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों को आदेशित करते हुए कहा कि लंबित आर.सी. की वसूली अभियान चलाकर की जाए, अमीनों से निर्धारित मानक के अनुसार वसूली करायी जाए, अमीनों की वसूली की नियमित समीक्षा की जाए, माह के अंत तक आर.सी. वसूली की प्रगति प्रत्येक दशा में सुधारी जाए।जिलाधिकारी ने लंबित वादों की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि धारा-34 के 01 वर्ष से 03 वर्ष की अवधि के वाद सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार न्यायालयों में निर्णय हेतु अवशेष है, संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार तत्काल धारा-34, धारा 67 के वादों को निस्तारित करें। उन्होंने कहा कि 05 वर्ष पुराने वाद भी उप जिलाधिकारी, राजस्व अधिकारी, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों के न्यायालयों में लंबित है, इन्हें भी प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देशित करते हुए कहा कि गृहकर, जलकर, जलमूल्य की वसूली की प्रगति सुधारें, सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, कूड़ा उठान के बेहतर प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में जहां-जहां सर्दी से बचाव हेतु रैन बसेरे बनाए गए है, वहां पर कर्मी उपस्थित रहे, पर्याप्त मात्रा में रजाई गद्दों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए, नगरों के मुख्य चौराहों पर नियमित रूप से अलाव जलें सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे रात्रि न गुजारे, जिस व्यक्ति को आवश्यकता हो उसे स्थाई अस्थाई रैन बसेरों में आश्रय मिले।उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुए उप जिलाधिकारियों से कहा कि बार-बार निर्देशों के बाद भी फार्मर रजिस्ट्री में सुधार नहीं हो रहा है, कोटा डीलर, पूर्ति निरीक्षक, अन्य ग्राम स्तरीय कर्मियों द्वारा इस कार्य में रुचि नहीं ली जा रही है, जनपद में अब तक 02 लाख 75 हजार फार्मर रजिस्ट्री के सापेक्ष मात्र 40 हजार 542 फार्मर रजिस्ट्री हुई है, जो काफी कम है, इस कार्य में सबसे खराब सहयोग करने वाले 03-03 राशन डीलर के विरुद्ध उप जिलाधिकारी प्रभावी कार्यवाही करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्यायिक नवीन श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय मल्ल, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला, नितिन कुमार, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, किशनी, कुरावली, घिरोर अभिषेक कुमार, संध्या शर्मा, गोपाल शर्मा, राम नारायण, प्रसून कश्यप, जिला आबकारी अधिकारी दिनेश कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी शिवम यादव, उपायुक्त जी. एस.टी. मनोज यादव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरेंद्र कुमार, जगदीश प्रसाद दीक्षित, तहसीलदार, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय सहित कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभाग प्रभारी आदि उपस्थित रहे।