मिल्कीपुर/ अयोध्या रिपोर्ट गोपीनाथ रावत- कुमारगंज वन रेंज के इनायत नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खिहारन गांव में दिनदहाड़े वन माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से वेशकीमती पेड़ों पर आरा चला कर पर्यावरण* प्रदूषण को बढ़ावा दिया जा रहा है। जहां वन माफिया वनस्पति को नुक़सान पहुंचा रहे हैं, वहीं वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने की बजाय मूकदर्शक बन कर *कारनामे को देख रहे है।प्रदेश सरकार जहां हर साल करोड़ों रुपए खर्च करके *पर्यावरण प्रदूषण से निजात के लिए पौध रोपण करा रही है, वहीं वन विभाग तथा पुलिस की मिली भगत से वन माफियाओं द्वारा दिन दहाड़े हरे-भरे प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चला कर उन्हें खत्म करने में कोई कोर कसर* नहीं छोड़ रहे हैं। सवाल यह है कि दिन-दहाड़े हरे-भरे पेड़ों पर आरा चला कर उन्हें खत्म किया जा रहा है लेकिन वन विभाग तथा पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। आखिर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को क्षेत्र में हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी नहीं तो कैसे होगी इन पर कार्रवाई।*इनायत नगर थाना की पुलिस चौकी बारुन बाजार के खिहारन गांव स्थित अंधी-अंधा आश्रम के निकट होलिका स्थल के पास एक विशालकाय प्रतिबंधित महुआ के पेड़ को सोमवार को वन माफिया ने निशाना बनाया और काटकर उठा ले गए। वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करने की वजह से वन माफियाओं के हौंसले बुलंद हो गए है।**वहीं सूत्रों की माने तो यहां आए दिन हरे-भरे पेड़ों पर आरा चला कर उन्हें मुंह मांगी कीमत पर बेंच कर वन माफिया वनस्पति को नुक़सान पहुंचा कर अपनी जेब तथा जिम्मेदारों की जेब भर रहे है। लोगों का कहना है कि यदि शिकायत की जाती है तो वन विभाग के अधिकारियों द्वारा शिकायत करने वाले व्यक्तियों का मोबाइल नंबर वन माफिया को दे कर उन्हें परेशान भी किया जाता है। जिसकी डर से लोग अवैध कटान की शिकायत भी वन विभाग से करने से पीछे हट जाते हैं।