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शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने के उपरांत ही निस्तारण आख्या पोर्टल पर की जाये अपलोड-जिलाधिकारी

अधिकारी जन-शिकायतों के निस्तारण में अधीनस्थों पर निर्भर न रहें, शिकायतकर्ता से वार्ता कर समस्या का करें निदान- अंजनी कुमार

मैनपुरी – जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जन-सुनवाई प्रणाली पर लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान 02 दिसंबर से आई.जी.3 आई.जी.आर.एस. पोर्टल लॉगिन न करने पर खंड शिक्षाधिकारी नगर क्षेत्र का वेतन रोके जाने के निर्देश देते हुये कहा कि समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन आई.जी.आर.एस. पोर्टल को लॉगिन करें। उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि विभिन्न स्तर से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण का शासन स्तर से फीडबैक लिए जाने पर बड़ी संख्या में निस्तारण में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ है, यह स्थिति किसी भी दशा में ठीक नहीं है, 28 नवम्बर से 28 दिसम्बर तक शासन स्तर से फीडबैक लेने पर जिला पूर्ति अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, उपायुक्त उद्योग, उप संचालक चकबंदी, चकबंदी अधिकारी सदर, करहल, सब रजिस्ट्रार भोगांव, किशनी, प्रभागीय वनाधिकारी, परियोजना अधिकारीनेडा, मुख्य चिकित्साधीक्षक, प्राचार्य डॉयट, सहायक श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, अधिशाषी अभियंता विद्युत, खनन निरीक्षक, उप जिलाधिकारी सदर, कुरावली का शत-प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ है जबकि जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, तहसीलदार करहल का 80 प्रतिशत एवं तहसीलदार किशनी का 75 प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक पाया गया है। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि बार-बार निर्देशों के बाद भी शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, यदि भविष्य में शासन स्तर से असंतुष्ट फीडबैक मिला तो संबंधित अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर प्रभावी कार्यवाही की जायेगी।श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में न हो, प्राप्त शिकायत के निस्तारण के उपरांत शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने के बाद ही निस्तारण आख्या अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ऑनलाइन संदर्भ, जिलाधिकारी जनता दर्शन, संपूर्ण समाधान दिवस, पी.जी. पोर्टल, राजस्व परिषद के 2119 सन्दर्भ निस्तारण हेतु अवशेष है, जिसमें सर्वाधिक 144 संदर्भ उप जिलाधिकारी सदर, 108 संदर्भ उप जिलाधिकारी भोगांव, 183 संदर्भ तहसीलदार भोगांव, 113 संदर्भ तहसीलदार करहल, 118 संदर्भ तहसीलदार सदर, 80 संदर्भ तहसीलदार कुरावली, 97 संदर्भ तहसीलदार घिरोर एवं 79 संदर्भ तहसीलदार किशनी के यहां समय सीमा के भीतर के शेष है। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण करने के पश्चात शिकायतकर्ता से हस्ताक्षर अवश्य कराये जाएं यदि शिकायतकर्ता हस्ताक्षर न करे तो मौजूद 02 संभ्रांत व्यक्तियों के हस्ताक्षर कराए जाएं।उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि अधीनस्थों पर निर्भर न रहें, अधीनस्थों द्वारा किए गए निस्तारण आख्या को स्वयं पढ़ें। उन्होने कहा कि आई.जी. आर.एस. पोर्टल पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों के निस्तारण के फीडबैक की समीक्षा में जनपद के आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर प्राप्त 638 फीडबैक में से 276 असंतोषजनक तथा हेल्पलाइन संदर्भ के प्राप्त 249 फीडबैक में से 92 असंतोषजनक पाए गए हैं, जो अत्यंत खराब एवं चिंताजनक है, इस स्थिति पर रोष प्रकट करते हुए जन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा असंतोषजनक फीडबैक को कम किये जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को आदेशित किया।बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्यायिक नवीन श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, परियोजना निदेशक सत्येंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी सदर, करहल, भोगांव, किशनी, कुरावली, घिरोर अभिषेक कुमार, नीरज कुमार द्विवेदी, संध्या शर्मा, गोपाल शर्मा, राम नारायण, प्रसून कश्यप, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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