अधिवक्ताओं की कल्याण निधि 4 लाख से बढ़ाकर की गई 5 लाख
अयोध्या ब्यूरो रिपोर्ट- भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के 140 हुए जयंती के अवसर पर बार एसोसिएशन बीकापुर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया गया ,और उक्त कार्यक्रम की शुरुआत राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके की गई। अध्यक्ष बैजनाथ तिवारी ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता । तथा समापन पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद इशहाक ने किया। अधिवक्ता दिवस पर राममूर्ति यादव, बृजेश कुमार यादव, वीरेश्वर कुमार मिश्र राजन, झिनकू यादव, तथा सैयद मोहम्मद शोएब जैसे चार वरिष्ठ अधिवक्ताओं को अंग वस्त्र, डायरी, तथा माला पहनाकर सम्मानित किया गया। बीकापुर के नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश कुमार पांडे उर्फ राना, उप जिला अधिकारी न्यायिक, बीकापुर तहसीलदार न्यायिक तथा नायब तहसीलदार बीकापुर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे। जहां पर उनका स्वागत सदन में मौजूद तमाम वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने फूल माला पहनाकर और तालिया बजाकर किया।मालूम हो कि अधिवक्ता दिवस के अवसर पर अधिवक्ता कल्याण निधि की धनराशि चार लाख से बढ़ाकर 5 लाख किए जाने पर सदन में मौजूद सभी वरिष्ठ अधिकताओं ने इसका जोरदार समर्थन और स्वागत किया।बतौर मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करने आए नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश पांडे उर्फ राना ने बार एसोसिएशन बीकापुर में वातानुकूलित कमरे तथा 6 सीटों वाला सुलभ शौचालय जल्द से जल्द बनवाए जाने की घोषणा की।अधिवक्ता दिवस पर वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेश यादव को नायब तहसीलदार बीकापुर अधिवक्ता झिनकू यादव को उप जिला अधिकारी न्यायिक बीकापुर वरिष्ठ एडवोकेट राम मूर्ति यादव को नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश पांडे राना तथा सैयद मोहम्मद शोएब को एल्डर कमेटी के अध्यक्ष अवधेश प्रताप पांडे के द्वारा अंग वस्त्र डायरी देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने-अपने विचार रखें।तथा भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के चरित्र चित्रण पर प्रकाश डाला।वहीं अधिवक्ता अवध राम यादव ने अपने विचारों को रखते हुए कहा अधिवक्ता समाज का आईना होता है जो वादकारियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए कठिन परिश्रम और संघर्ष करता है और उनके अधिकार की लड़ाइयां लड़ता है। इस अवसर पर चंद्रभूषण दुबे, पूर्व अध्यक्ष तुलसीराम तिवारी, शेख मोहम्मद इशाक, लश्करी पांडे, श्याम मनोहर पांडे, आबाद अहमद खां, सदानंद पाठक, बृजेश तिवारी, अमरनाथ दुबे, अवधेश प्रताप सिंह, अनंतनारायणन पांडे, देवी दयाल ,अजय भारती, धुव्र देव वर्मा , सुशील कुमार पांडे, अशोक मिश्रा, पुष्पेंद्र मिश्र, अरुण मिश्र, मनोज यादव, आलोक सिंह, भीष्म उपाध्याय, बैजनाथ यादव, शक्ति सिंह, मैनुद्दीन अहमद, ओम प्रकाश यादव, आसाराम यादव, अखिल यादव, राम सिंह यादव, बलराम यादव, मनोज निषाद, प्रवीण यादव ,अमित श्रीवास्तव, राम शंकर यादव, राधेश्याम गौड़, प्रमोद शर्मा, सबीना रानी, बादल निशा, जैसे सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद थे।