मैनपुरी – उ.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड ने निर्धारित कार्यक्रमके अनुसार ट्रांजिस्ट होस्टल में जन सुनवाई के दौरान पीड़ित महिलाओं से कहा कि कोई भी महिला अपने आपको कमजोर न समझें यदि किसी के द्वारा किसी महिला का उत्पीड़न किया जा रहा हो या वह घरेलू हिंसा से पीड़ित हो तो वह तत्काल महिला पुलिस थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराये, पीड़ित महिला को तत्काल राहत मिलेगी, महिलाओं का उत्पीड़न करने वाले, महिलाओं के साथ मारपीट करने वाले लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर कार्यवाही होगी। उन्होंने जन-सुनवाई के दौरान फरियाद लेकर आयीं महिलाओं से कहा कि केंद्र प्रदेश सरकार महिलाओं, बालिकाओं की सुरक्षा के साथ उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर बेहद संवेदनशील है, किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी महिला का शोषण न हो, पीड़ित महिला अपनी समस्या बताने में संकोच न करें, इसके लिए प्रत्येक थाने पर महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के लिए निरतंर प्रयासरत् है. महिलाओं के सर्वागीण विकास, आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित तमाम योजनाओं में महिलाओं को केन्द्र बिन्दु रखा गया है, पीडित महिलाओं की समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें न्याय दिलाने के उददेश्य से जनपद स्तर पर महिला जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।सदस्य महिला आयोग ने ऑगनबाड़ी केन्द्र मोहनपुर का औचक निरीक्षण करने पर पाया कि गांव में संचालित 02 ऑगनबाड़ी केन्द्रों पर 62 बच्चे पंजीकृत हैं, मौके पर 42 बच्चे उपस्थित पाये गये, उन्होने उपस्थित बच्चों से भावगीत, कविता सुनी, ब्लैकबोर्ड पर हिन्दी के अक्षर लिख बच्चों से पूछा, बच्चों ने ठीक उत्तर दिये। उन्होने मौके पर उपस्थित बाल विकास परियोजना अधिकारी से कहा कि जनपद के सभी ऑगनबाड़ी केन्द्र समय से खुलें, पंजीकृत सभीबच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएं, पुष्टाहार वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये। उन्होने जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान महिला बैरक में साफ-सफाई के बेहतर प्रबन्ध पाये जाने पर संतोष व्यक्त करते हुये कहा कि जो महिलाएं सिलाई कड़ाई का कार्य जानती हैं, उनके लिए सिलाई मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये ताकि वह अन्य महिलाओं को भी सिलाई सिखा सकें, निरूद्ध महिलाओं के संग जो 02 बच्चे हैं उनके लिए खेल के सामान की उपलब्धता के साथ उन्हें शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जाये, 70 आयुवर्ष की निरूद्ध 04 महिला बंदियों की रिहाई हेतु नियमानुसार कार्यवाही की जाये।आज जन-सुनवाई दौरान दक्षिणी छपट्टी नि. सरिता सिंह, मो. हरीपुरा नि. गीता ने प्रार्थना पत्रों के माध्यम से अपनी समस्याओं को महिला आयोग की सदस्य के सम्मुख प्रस्तुत किये जिस पर उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को पृष्ठाकिंत कर त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया, ग्राम सिरसा नि. नीलम का विगत् कई माह से अपने पति चन्द्रशेखर से विवाद चल रहा था उन्होने पति-पत्नी के बीच मौके पर ही आपसी सहमती से समझौता कराकर पति के साथ भेजा, पीड़ित महिला विगत् 06 माह से अपने 03 बच्चों के साथ अपने मायके रह रही थी। इस दौरान क्षेत्राधिकारी करहल संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष महिला हेमलता सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेई, वन स्टॉप सेंटर प्रबन्धक कामिनी यादव सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।
घरेलू हिंसा, उत्पीड़न से ग्रसित महिलाएं सीधे महिला थाने पहुंच करायें शिकायत दर्ज, तत्काल होगी प्रभावी कार्यवाही – सदस्य महिला आयोग
Sourceरिपोर्ट अवनीश कुमार
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