मिल्कीपुर/अयोध्या मंडल ब्यूरो गोपीनाथ रावत – जनपद के मिल्कीपुर अमानीगंज क्षेत्र की प्रमुख बाजारों में से एक बारुन बाजार में डीएपी उर्वरक की किल्लत होने से कालाबाजारी जोरों पर है।बारुन बाजार में दर्जनों निजी उर्वरक की दुकानों समेत एक साधन सहकारी समिति मौजूद हैं।रवी सीजन की बुवाई का मुख्य समय होने के कारण इस समय किसानों को डीएपी उर्वरक की सख्त आवश्यकता है परंतु साधन सहकारी समिति पर डीएपी न मिल पाने के कारण किसान हलकान है।साधन सहकारी समिति बारुन पर कार्यरत आंकिक विक्रेता सुनील सिंह ने बताया कि समिति पर इस समय डीएपी उर्वरक आई हुई है परंतु उर्वरक के आपूर्ति की इनवॉइस उपलब्ध न होने के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है।इस बार निजी क्षेत्र की कंपनी कोरोमंडल की डीएपी समिति पर आई हुई है जिसका वितरण इनवॉइस न होने के कारण नहीं हो पा रहा है।शासन से जैसे ही इनवॉइस उपलब्ध होगा वितरण प्रारंभ किया जाएगा।कमोवेश यही समस्या मिल्कीपुर की मीठेगांव-कुचेरा समिति समेत अन्य समितियां पर भी है।वहीं दूसरी ओर डीएपी संकट के बीच निजी उर्वरक विक्रेताओं की चांदी कट रही है वे बाजार में 1450 से 1500 रुपए मूल्य तक डीएपी की कालाबाजारी करके बेच रहे हैं। बारुन बाजार के किसान रंगीलाल चौहान ने बताया कि सोमवार दिनभर बारुन समिति पर खाद के इंतजार में बैठे रहने के बाद जब डीएपी नहीं मिली तो वह मजबूरन बाजार में 1450 रुपए देकर डीएपी खरीद कर ला रहे हैं क्योंकि उनकी फसल बुवाई में पिछड़ रही है यदि समय से फसल न बोई गई तो खेतों से नमी खत्म हो जाएगी। बुवाई के ऐन वक्त पर डीएपी न मिलने से किसान पूरी तरह से त्रस्त हैं। विकास अमानीगंज की प्रमुख बाजार अमानीगंज में भी निजी उर्वरक की दुकानों पर कालाबाजारी जोरों पर दिखाई पड़ रही है।