शाहजहांपुर (संवाददाता अनिल कुमार ) ईंट भट्ठों पर डंप हो रही अवैध खनन की मिट्टीक्षेत्र में अवैध खनन का खेल जारी है। अवैध खनन कर मिट्टी ईंट भट्ठों पर ठंप की जा रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को खतरा है। इसके बाद भी प्रशासनिक और खनन विभाग के जिम्मेदार आंखें मूंदे हैं। अवैध खनन से जहां किसान उपजाऊ भूमि को सुरक्षित रखने को लेकर चिंतित हैं वहीं हरियाली भी नष्ट हो रही है|नियमों के मुताबिक, परमिट देते समय ही यह तय किया जाता है कि किस जगह पर कितनी गहराई तक खनन कराई जा सकती है। अगर किसी जगह तीन से चार फीट खनन का परमिट है, तो वहां पांच से दस फीट खनन कर दिया जाता है। इससे सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। शिकायत पर जांच होती है तो मामले को साठगांठ कर दबा दी जाती है। बचने के लिए तर्क दिया जाता है कि उस जगह पर पहले से दो फीट गड्ढा था, इस वजह से छह फीट गहरा हो गया। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि मानकों को नजर अंदाज करते हुए क्षेत्र में ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। इन्ही भट्ठों पर खनन माफिया उपजाऊ भूमि को जेसीबी से काफी गहराई तक खोदकर मिट्टी पहुंचा रहे हैं। वन क्षेत्र के आसपास मिट्टी खनन के दौरान हरे-भरे कीमती पेड़ भी जेसीबी से गिरा दिए जाते हैं। क्षेत्र के गांव लोहरगवां, ऊनखुर्द, पतराजपुर, ईशापुर, भटपुरा पृथ्वीपुर, पिपरिया उदयभानपुर, पिपरिया खुशाली, वैदापुर, कबीरपुर झोतुपुर, राघवपुर सिंकदकपुर, कजरीनूरपुर, अरेली, टिकरी के अलावा गांवों के किनारे उपजाऊ भूमि पर जेसीबी लगाकर अवैध खनन कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार बेखबर हैं।