नवजात बच्चों को गोद में लेकर रात में बिजलीघर पहुंचीं महिलाएं
रिपोर्ट अर्जुन दिवाकर
बिशारतगंज। भीषण गर्मी, लगातार बिजली कटौती और विभागीय लापरवाही से परेशान शिवनगर चंपतपुर समेत अंटुआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बृहस्पतिवार रात करीब 10:30 बजे 150 से अधिक ग्रामीण और 20 से ज्यादा महिलाएं अपने नवजात बच्चों को गोद में लेकर अंटुआ विद्युत उपकेंद्र पहुंच गईं और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 24 घंटे में मुश्किल से 2–3 घंटे ही बिजली मिल रही है, जबकि कर्मचारी 18 घंटे सप्लाई देने का दावा कर रहे हैं।महिलाओं ने आरोप लगाया कि हर हफ्ते एक-दो दिन पूरे गांव 24 घंटे अंधेरे में डूबे रहते हैं और पूछने पर “33 केवी ब्रेकडाउन” कहकर मामला टाल दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी गांव में फाल्ट होने पर लाइनमैन खुलेआम पैसों की मांग करते हैं। 13 मई को आए आंधी-तूफान में टूटे बिजली खंभे 12 दिन बाद भी नहीं बदले गए हैं। बाहर की टीमें मशीनों से काम कर रही हैं, लेकिन गांवों की हालत अब भी बदहाल है। इससे पहले 20 मई को भिंडौरा गांव के ग्रामीणों ने भी 8 दिन बिजली न आने पर उपकेंद्र पर हंगामा किया था, पुलिस के हस्तक्षेप से 45 मिनट में बिजली बहाल हुई थीकिसानों ने आरोप लगाया कि एग्रीकल्चर लाइन बंद रहने से फसलें सूख रही हैं। मजबूरी में किसान लाइनमैनों को पैसे देकर रात में शटडाउन कराकर ग्रामीण लाइन से ट्यूबवेल जोड़ते हैं सिंचाई के बाद दोबारा तार हटवाते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि रात में होने वाली ट्रिपिंग का यह भी बड़ा कारण है।हंगामे के दौरान ग्रामीणों और महिलाओं ने आरोप लगाया कि उपकेंद्र पर कुछ कर्मचारी खुलेआम शराब पी रहे थे। कोई गेट पर तो कोई खंभों पर बैठकर शराब पी रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के नशे में कर्मचारी ड्यूटी करते हैं और इसी लापरवाही के चलते 22 अप्रैल को ग्राम समाधीपुर में बड़ा हादसा हुआ था। शटडाउन लेकर लाइनमैन छोटा खान पुत्र कौसर खान खंभे पर चढ़कर तार ठीक कर रहा था, तभी अचानक 11000 वोल्ट लाइन चालू कर दी गई। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया था और परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया थाअब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अंटुआ बिजलीघर में शराब पीकर ड्यूटी करने की लापरवाही ही इस हादसे की वजह बनी?हालांकि जेई रामचंद्र बाबू ने इस मामले को “मेरे संज्ञान में ऐसा कुछ नहीं है” कहकर टाल दिया। उधर लाइनमैन की मौत होते बच गई इस बीच मौसम विभाग की भीषण हीट वेव चेतावनी ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी गाव वालो ने सवाल उठाया कि जब विभाग स्मार्ट मीटर लगाकर समय पर बिल वसूल सकता है, तो “स्मार्ट बिजली व्यवस्था” क्यों नहीं दे पा रहा?ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि 25 मई से अंटुआ बिजलीघर पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधियों, मंत्री और मुख्यमंत्री तक पूरे मामले को पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जवाब और समाधान चाहिए।“लड़ेंगे और जीतेंगे” के नारों के साथ ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। जेई रामचंद्र बाबू ने बताया कुछ महिलाऐ आई उनकी बात को सुना गया अगर कर्मचारी शराब पीकर कार्य करते हैं आप सबूत दिजीए कार्यवाही हम करेगे