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घर में घुसकर लाठी-डंडों से जानलेवा हमले का आरोप

रिपोर्ट अर्जुन दिवाकर

बरेली। हाफ़िज़गंज थाना क्षेत्र के ग्राम लाडपुर उस्मानपुर में रविवार रात दबंगों ने एक घर में घुसकर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि इस हमले में समेत उसके परिवार की महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित सलीम पुत्र स्वर्गीय शकील अहमद ने थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना 26 जुलाई 2026 की रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। वहीं, अब इस मामले में स्थानीय चौकी प्रभारी की भूमिका और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पिछले दो साल से एक ही जगह तैनात चौकी प्रभारी पीड़ितों पर ही फैसले (कंप्रोमाइज) का दबाव बना रहे हैं और शिकायतकर्ता के साथ आए दो बच्चों को भी थाने में डाल रखा है।गाली देने का विरोध करने पर भड़के दबंगसलीम के मुताबिक, गांव का ही रियासत पुत्र वजीर शाह सुल्फा पीकर उसके घर के सामने आया और अभद्र गालियां देने लगा। जब सलीम ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने अपने साथियों को बुला लिया।लाठी-डंडों से लैस होकर घर में घुसे हमलावरआरोप है कि रियासत ने अपने साथी दानिश पुत्र लियाकत, काजिम अली पुत्र मैसर अली, परवेज पुत्र मैसर अली (निवासी लभेड़ा उर्फ बुलंदनगर) और 4-5 अज्ञात लोगों को बुला लिया। ये सभी लोग लाठी-डंडों से लैस होकर सलीम के घर में घुस गए और उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बचाने आईं पीड़ित की बहन रवीना और चाची कुसुम को भी हमलावरों ने बुरी तरह पीटा, जिससे शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीण इकट्ठा होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।2 साल से तैनात चौकी प्रभारी बना रहे फैसले का दबावपीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय चौकी प्रभारी पिछले दो साल से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। दबंगों पर कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, चौकी प्रभारी पीड़ित पक्ष पर ही मामले को रफा-दफा करने और कंप्रोमाइज (समझौता) करने का मानसिक दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात होने के कारण पुलिसकर्मियों के हौसले बुलंद हैं और वे न्याय देने के बजाय पीड़ितों को ही प्रताड़ित कर रहे हैं।इंसाफ मांगने गए पीड़ित पक्ष के बच्चों को पुलिस ने थाने में डालामामले में पुलिसिया उत्पीड़न की हद तब पार हो गई जब न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचे पीड़ित पक्ष के साथ आए दो मासूम बच्चों को ही पुलिस ने थाने में बंद कर दिया। एक तरफ दबंगों के हमले से सहमे पीड़ित चोटों का इलाज कराने और इंसाफ के लिए भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने बच्चों को हिरासत में लेकर उन पर दबाव और बढ़ा दिया है। परिजनों ने बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और उच्चाधिकारियों से इस पक्षपातपूर्ण रवैये की शिकायत कर बच्चों को तुरंत रिहा कराने और भ्रष्ट व दोषी पुलिसकर्मियों समेत दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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