अयोध्या बाल विवाह पर प्रशासन की सख्ती: 14 वर्षीय लड़की और 18 वर्षीय लड़के की शादी ऐन वक्त पर रुकवाई, बारात लौटा (पूराकलंदर क्षेत्र) जनपद के पूराकलंदर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग जोड़े का विवाह प्रशासन ने समय रहते रुकवा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और महिला आयोग की टीम मौके पर पहुंची और बारात को रोककर दोनों पक्षों को चौकी बुलाया गया। जांच में सामने आया कि दुल्हन की उम्र मात्र 14 वर्ष और दूल्हे की उम्र 18 वर्ष है, जिसके चलते विवाह को अवैध मानते हुए तत्काल रोक दिया गया।*सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन*प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारात पूराकलंदर थाना क्षेत्र के पलिया गांव की ओर जा रही थी। किसी जागरूक व्यक्ति ने प्रशासन को सूचना दी कि विवाह होने जा रहा जोड़ा नाबालिग है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारियों की टीम सक्रिय हो गई और बारात को बीच रास्ते में ही रोक लिया गया।*उम्र की जांच में सामने आई सच्चाई*जब पुलिस ने दोनों परिवारों से दूल्हा-दुल्हन की उम्र से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो पता चला कि लड़की अभी 14 वर्ष की है और लड़का भी 18 वर्ष का है। भारत में बाल विवाह निषेध कानून के अनुसार लड़की की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। ऐसे में यह विवाह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। *चौकी में दोनों पक्षों से कराया गया सहमति पत्र*प्रशासन ने दोनों परिवारों को पूराकलंदर पुलिस चौकी बुलाया। यहां समझाइश के बाद दोनों पक्षों से लिखित सहमति पत्र लिया गया कि जब तक लड़का-लड़की बालिग नहीं हो जाते, तब तक उनका विवाह नहीं कराया जाएगा। इसके बाद बारात को वापस भेज दिया गया।*राज्य महिला आयोग की सदस्य भी पहुंचीं*मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की एक सदस्य भी मौके पर पहुंचीं और परिवारों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ता है।*जागरूकता की जरूरत पर जोर*अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।समय रहते प्रशासन की सक्रियता से एक नाबालिग जोड़े का विवाह रुक गया और दोनों परिवारों को कानून की जानकारी देकर बालिग होने तक शादी न करने की लिखित सहमति ली गई।
बाल विवाह पर प्रशासन की सख्ती: 14 वर्षीय लड़की और 18 वर्षीय लड़के की शादी ऐन वक्त पर रुकवाई
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