अयोध्या।नगर निगम में निर्माण अथवा अन्य कार्यों की निविदा 15 फ़ीसदी से अधिक नीचे डाली गई तो कार्य की विशेष जांच कराई जाएगी। यह निर्णय नगर निगम अयोध्या बोर्ड की बैठक में लिया गया। इस मौके पर महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या के बहुमुखी विकास से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टेंपल इकोनामी मॉडल को मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि जलवानपुरा, जनौरा, मधवा गद्दोपुर समेत अन्य स्थानों पर जल भराव की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने टाप टेन स्वच्छता रैंकिंग हासिल करने के लिए जन सहयोग बढ़ाने की पार्षदों एवं अधिकारियों से विशेष अपेक्षा की। बैठक की शुरुआत में पिछली कार्यवाही की पुष्टि की गई और इसके बाद नगर निगम की गोपनीयता भंग होने का मसला भी उठाया गया। इस पर कड़ा रुख अपनाने का निर्णय किया गया। इस मौके पर पार्षद गण के सुझाव पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का फैसला किया गया। डेकोरेटेड विद्युत पोल का भी मसाला चर्चा का विषय बना। नगर आयुक्त श्री जयेंद्र कुमार ने बताया कि डेढ़ सौ पोल लगाने की जगह चिन्हित कर ली गई है। यदि कहीं लाइट खराब हो तो उसे संस्था के माध्यम से मरम्मत कराया जाएगा। इसके लिए पार्षदों के साथ वेंडर्स की बैठक कराने का निर्णय किया गया। -नगर निगम क्षेत्र में 19 चौराहों पर आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता के रिकॉर्ड को देखते हुए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट स्कीम (आईटीएमएस) की सराहना की गई। ऊदा देवी के नाम पर चौराहे का नामकरण करने, नगर में अंबेडकर प्रतिमा लगाने का भी प्रस्ताव आया। विद्याकुंड, सीताकुंड, दशरथकुंड की सफाई नगर निगम के कर्मियों से करने का भी निर्णय लिया गया। विस्तारीकरण क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीन को चिन्हित कर कब्जे में लेने का भी नगर निगम ने प्रस्ताव पास किया। इस मौके पर नगर निगम में आवास दर्ज कराने में हो रहे विलंब को लेकर भी नाराजगी जताई गई। पेयजल, सफाई तथा विद्यालयों के सुंदरीकरण में कार्यदायी संस्था की ओर से बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई गई। इस दौरान सुबह 3:00 बजे से 5:30 बजे तक रमजान के मध्य नजर जलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई का निर्णय लिया गया। अशफाक उल्ला खान की शहादत को देखते हुए आदमकद प्रतिमा लगवाने की मांग की गई। साकेतपुरी कॉलोनी को नगर निगम को हस्तगत करने का सदन ने अनुमोदन कर दिया।
15 फ़ीसदी से अधिक ‘डाउन’ निविदा पर होगी कार्यों की विशेष जांच
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