संवाददाता भूदेव प्रसाद
बदायूँ, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा और एच.पी. इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या द्वारा बच्चों को एल्बेन्डाजॉल की गोली खिलाकर की गई।डॉ. मिश्रा ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चों और किशोर-किशोरियों में कमजोरी, खून की कमी और थकान रहती है। इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी प्रभावित होता है। इसलिए 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को साल में दो बार यह दवा जरूर लेनी चाहिए।जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. असलम ने बताया कि कृमि संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी है। हमेशा शौचालय का प्रयोग करें, साफ पानी पिएं, फल-सब्जियां धोकर खाएं, खाने को ढककर रखें, नाखून छोटे रखें, जूते-चप्पल पहनें और हाथ साबुन से धोएं।यह चबाने वाली गोली सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों, मदरसों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर मुफ्त दी जा रही है। जो बच्चे स्कूल नहीं जाते, उन्हें भी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर दवा दी जाएगी। जो बच्चे किसी कारण से छूट जाएं, उन्हें 13 फरवरी 2026 को मॉप-अप दिवस पर दवा जरूर खिलाई जाएगी।कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्कूल स्टाफ मौजूद रहे।