रिपोर्ट वैभव गुप्ता
बदायूं जिले के उसावा निवासी सौरभ तौमर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र उसावा उपमंडी, रावतपुर में बाजरा खरीद में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। यह कथित घोटाला खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान हुआ बताया जा रहा है।शिकायतकर्ता सौरभ तौमर ने बताया कि 24 अक्टूबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 तक की बाजरा खरीद में 159 किसानों से 1009.950000 मीट्रिक टन बाजरा खरीदने का डेटा दर्शाया गया है। इसमें अकबरपुर, मूजखेड़ा, दलेलगंज और उधौली जैसे प्रमुख राजस्व ग्रामों के किसानों से खरीद दिखाई गई है।तौमर ने एक किसान पंजीकरण आईडी (सं0-1490188505) का हवाला दिया, जो अमीना खातून पत्नी साबिर के नाम पर है। इस आईडी पर फसल विक्री हेतु नमित सदस्य के रूप में आदेश कुमार को सगा भाई दर्शाया गया है।इस आईडी पर नरेंद्र कुमार/रामबाहादुर, सुरेश चंद्र/अभिलाख सिंह, ओमकार सिंह/राम सिंह, राजेंद्र/सोहन, अजीत / रतीराम, बालकराम/गंगा सिंह और अन्य कई नामो से 111.17283 मीट्रिक टन बाजरा की फसल बेची गई दर्शाई गई है, जिसे उन्होंने पूर्णतया गलत बताया है।शिकायत में कहा गया है कि उसावा रावतपुर क्रय केंद्र पर बाजरा की फसल की खरीद पूरी तरह से फर्जी तरीके से दर्शाई गई है। किसानों से फसल खरीदने के बजाय, फुटकर व्यापारियों से 1700 रुपये से 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदकर राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाया गया है।इस कथित घोटाले से किसानों को सरकारी लाभ योजनाओं से वंचित किया गया है और उनके मन में राज्य सरकार के प्रति अविश्वास पैदा हुआ है। आरोप है कि केंद्र प्रभारी ने पल्लेदारी/उठान और परिवहन ठेकेदार के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का हेरफेर किया है। बिचौलियों और केंद्र प्रभारियों ने मिलकर राज्य सरकार को लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।शिकायत में यह भी बताया गया है कि ऐसे दस-दस लोगों के नाम चढ़ाए गए हैं जिनके पास न तो बाजरा का रकवा था और न ही उन्होंने बाजरा की कोई फसल की थी। सौरभ तौमर ने मुख्यमंत्री से इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।