अयोध्या जनपद में पत्रकारों पर हुआ हमला एक साधारण घटना नहीं,बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।अवैध अस्पतालों की सच्चाई उजागर करने पहुंचे पत्रकारों पर हमला यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य माफिया कानून और प्रशासन से बेखौफ हो चुका है।कैमरा और माइक छिनना जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश है।प्रशासन से अपेक्षा है कि नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो,माफिया नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाए।यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए,तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक नजीर बनेगा।