रिपोर्ट वैभव गुप्ता
चिंताउझानी कोतवाली क्षेत्र के पिपरोल गांव में एक भैंस की पागल कुत्ते के काटने से मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया है, क्योंकि भैंस के दूध से बने रायते का सेवन एक मृत्यु भोज में सैकड़ों लोगों ने किया था। अब लोग रेबीज के डर से अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने के लिए उमड़ रहे हैं।जानकारी के अनुसार, पूर्ण साहू की मृत्यु के बाद बीते 23 दिसंबर को उनके तेरहवीं भोज का आयोजन किया गया था। इस भोज से लगभग 4-5 दिन पहले उनकी भैंस को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। तेरहवीं भोज के अगले दिन भैंस में भी पागलपन के लक्षण दिखने लगे और उसकी मौत हो गई।भैंस के पागल होने और उसकी मौत की खबर फैलने के बाद से ही गांव के लोग दहशत में हैं। विशेष रूप से वे परिवार जिन्होंने मृत्यु भोज में सपरिवार रायते का सेवन किया था, वे सबसे ज्यादा चिंतित हैं। रेबीज के संभावित खतरे को देखते हुए, स्थानीय अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की भारी भीड़ देखी जा रही है।