अयोध्या।आग कुछ ही मिनटों में छप्पर की झोपड़ी को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय परिवार के लोग झोपड़ी के पास ही बैठे थे।अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ आग तेजी से भड़क उठी।दो दिन पहले ही रामधन निषाद के बेटे श्यामू की शादी हुई थी।शादी में आई उनकी बेटी कैलाशा की छह माह की नवजात बच्ची झोपड़ी में सो रही थी। परिवार आग की लपटों के कारण बच्ची तक पहुंच नहीं पाया।ग्रामीणों ने मिलकर किसी तरह आग पर काबू पाया। तब तक पूरी झोपड़ी और घर का सारा सामान जलकर राख हो चुका था।