अयोध्या गरीब की मौत–कैसे मिले इंसाफ ?सीसीटीवी फुटेज की लाइव वीडियो ने खड़े किए कई सवाल मनीराम कनौजिया की मौत इंसाफदारों की खामोशी इसे हार्ट अटैक कहेंगे या लापरवाही की करेंट से मिली मौत 14 कोशी परिक्रमा के दिन परिक्रमा देखने घर से निकला था मनीराम।रात से ही हो रही बारिश के चलते उसने एक जाली का सहारा क्या लिया बस वहीँ उतरे करंट ने उसकी जान ले ली।मौदहा रेलवे क्रॉसिंग के करीब अंग्रेजी शराब के ठेके पर लगी जाली में उतर रहा था मौत वाला करंट।घटना के बाद शराब दुकानदार दुकान को ताला लगाकर फरार हो गया।जिम्मेदारों को खबर हुई उसका शव उसके घर पहुंचा दिया गया।उसका पोस्टमार्टम भी हो गया शव का अंतिम संस्कार भी हो गया मगर स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ता गया।सूचना के अनुसार पुलिस इस मौत को हार्ट अटैक साबित करने में लगी रही।अब जब स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी से वीडियो निकाला तो साफ तौर पर दिखा की जाली में उतरे करंट से ही उसकी मौत हुई। मनीराम कनौजिया एक बेटा और दो बेटी का पिता है पांच भाइयों में सब अलग-अलग रहते हैं।ई रिक्शा चलाकर वह अपने परिवार का पालन पोषण और अपने बच्चों की शिक्षा दीक्षा करता था।आज स्थानीय लोगों ने मौदहा क्रॉसिंग के पास धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारे बाजी की।इंसाफ पसंद पुलिस भी पहुंची उन्होंने लोगों को वहां से हटाना शुरू कर दिया और कुछ ही देर में यह प्रदर्शन बंद हो गया।अब सवाल यह है कि आखिर इस गरीब की मौत का जिम्मेदार कौन है। क्या इसकी मौत कागजों में जांच पड़ताल के साथ ही समाप्त हो जाएगी या फिर इसे इंसाफ मिलेगा।हार्ट अटैक और करंट के बीच उलझी पुलिस को ना ही वाजिब कारण दिखाई पड़ रहा ना ही जिम्मेदार।नगर कोतवाली के मौदहा दक्षिणी का यह पूरा मामला है। इस पूरी घटना में अभी तक किसी भी प्रकार की कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की गई है।जिले के तमाम जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक जैसे लोग इस गरीब की मौत पर खामोश है। मगर इस पूरे तंत्र को यह समझना होगा किसी परिवार की रीढ़ पिता होता है और इसका दर्द मनीराम कनौजिया पत्नी समझती होगी या फिर उसके बच्चे।हालांकि उस इलाके में लोगों को गुस्सा है नाराजगी है पूरे सिस्टम से।