अयोध्या (मंडल ब्यूरो गोपीनाथ रावत) रुदौली तहसील के मवई में 40 साल पुराने आम के हरे पेड़ो को रातोंरात चोरी से काटकर उठा ले जाने का आरोप लगा है।वहीं वन विभाग का कहना है कि पेड़ो को विधिक प्रक्रिया के तहत कटवाया गया है।दूसरी तरफ ग्राम प्रधान ने नीलामी प्रक्रिया की जानकारी न होने की बात बताया है।पीड़ित ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से कर कार्रवाई की मांग किया है। मवई गांव निवासी सुखराम और बाबूलाल पुत्र जगरूप ने बताया कि उनके गाटा संख्या 1555 के बीच से सिपहिया कोटवा मार्ग निकला है।जिसकी वजह से सड़क के दोनों तरफ उनकी जमीन है।पीड़ित ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन में करीब 40 साल पहले आम के 6 पेड़ लगाया था।जो अब बहुत विशालकाय हो चुके थे।बताया कि सड़क के दूसरी तरफ ग्राम समाज की भूमि पर जल निगम की टंकी बनाई जा रही है।जिसकी बाउंड्री वाल भी बन चुकी है।बाउंड्रीवाल के बाहर वह सभी पेड़ लगे हुए थे जिसमे से तीन हरे आम के पेड़ों को रातोंरात चोर काटकर उठा ले गए।बताया कि जब ठेकेदार को मना किया तो उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश पर पेड़ काटे जा रहे हैं।रातोंरात हरे पेड़ो को गिरा दिया गया और उठा ले गए।मामले की शिकायत वन विभाग और जिलाधिकारी से की गई है।वही इस संबंध में जब ग्राम प्रधान पति अब्बास से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पेड़ किसने काटा?क्यो काटा इसकी उन्हें कोई जानकारी नही है।उन्होंने बताया कि पेड़ो की नीलामी होनी चाहिए लेकिन उन्हें नीलामी की कोई जानकारी नही दी गई।वहीं हल्का लेखपाल वेदप्रकाश यादव ने बताया कि जिसके नाम परमिट जारी हुई है वही लकड़ी ले गया है।
इस संबंध में रुदौली वन क्षेत्राधिकारी जेपी गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि डी एफ ओ साहब द्वारा जल निगम के ठेकेदार ने तीन आम के पेड़ को काटने की अनुमति ली थी उसके बाद काटा है।